Haryana Punjab Water Row: पंजाब और हरियाणा के बीच जारी जल विवाद के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार (11 मई) को चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि अगर नांगल बांध पर अधिकारियों को भेजा जाना जारी रहा तो हिंसा या कुछ अप्रिय घटना होने पर बीजेपी और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) जिम्मेदार होंगे.
सीएम भगवंत मान ने इस मुद्दे को लेकर किसान संघों की चुप्पी पर भी सवाल उठाया. मान को जब पता चला कि बोर्ड के अधिकारी हरियाणा के लिए पानी छोड़ने को लेकर फिर से बांध पर पहुंचे हैं तो वह रूपनगर जिले में नांगल बांध की ओर चल पड़े.
AAP कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शनउधर, पंजाब सरकार में मंत्री हरजोत सिंह बैंस के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं और कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने पड़ोसी राज्य हरियाणा के लिए पानी छोड़ने आए अधिकारियों के इस प्रयास के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. बोर्ड के चेयरमैन मनोज त्रिपाठी को आम आदमी कार्यकर्ताओं द्वारा नांगल बांध के गेस्ट हाउस में कथित तौर पर बंद करने के चार दिन बाद यह घटनाक्रम हुआ.
अपने हिस्से का इस्तेमाल कर चुका हरियाणा- मान पंजाब में आप के नेतृत्व वाली सरकार ने भाखड़ा बांध से पानी साझा करने से इनकार करते हुए कहा कि हरियाणा पहले ही अपने हिस्से का पानी इस्तेमाल कर चुका है. सीएम मान ने राज्य की नदियों के जल संरक्षण पर किसान संघों की चुप्पी पर भी निशाना साधा.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नांगल बांध पर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक तरफ पंजाब अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दुश्मनों का डटकर मुकाबला कर रहा है और दूसरी तरफ केंद्र की बीजेपी सरकार 'गंदे खेल' खेल रही है और राज्य को उसके पानी से वंचित करने के लिए नौटंकी कर रही है."
'जान माल का नुकसान हुआ तो बीजेपी जिम्मेदार'भगवंत मान ने पानी छोड़ने के प्रयासों की निंदा करते हुए बीजेपी और बोर्ड को चेतावनी दी कि वे नांगल बांध पर बार-बार अधिकारियों को भेजकर कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश न करें. मुख्यमंत्री ने कहा, "अगर कोई अप्रिय घटना होती है, जान-माल का नुकसान होता है या हिंसा होती है, तो इसके लिए बोर्ड और बीजेपी जिम्मेदार होंगे."
