Haryana Assembly Election 2024: कांग्रेस की हरियाणा इकाई ने गुरुवार को राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के खिलाफ एक 'आरोपपत्र' पेश किया है. कांग्रेस ने बेरोजगारी और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह 15 जुलाई को 'हरियाणा मांगे हिसाब अभियान' शुरू करेगी. हरियाणा में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है.
कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रमुख उदयभान ने चंडीगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इस अभियान के जरिए राज्य सरकार की विफलताओं को लोगों के सामने उजागर किया जाएगा. पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह और रोहतक के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा सहित पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेता भी इस मौके पर मौजूद थे.
राज्य में बीजेपी के 10 साल के शासन के खिलाफ 'आरोपपत्र' पेश करते हुए उदयभान ने कहा कि बीजेपी की सरकार रोजगार सृजन, कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसानों की सुरक्षा समेत कई मोर्चों पर विफल रही है. उन्होंने कहा 15 जुलाई से शुरू होने वाले 'हरियाणा मांगे हिसाब अभियान' के जरिए इस सरकार की विफलताओं को उजागर किया जाएगा. हमारे नेता और कार्यकर्ता राज्य के सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगे.
‘हरियाणा आज सबसे असुरक्षित राज्य’उदयभान ने दावा किया कि हरियाणा में बेरोजगारी बढ़ गई है और 2 लाख सरकारी पद खाली पड़े हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा बीजेपी शासन के दौरान कई घोटाले और प्रश्नपत्र लीक हुए हैं. उन्होंने कहा कि हरियाणा आज सबसे असुरक्षित राज्य है जहां अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं. उन्होंने राज्य में दलितों पर अत्याचार बढ़ने और महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ने का आरोप लगाया. पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने राज्य के लोगों का भरोसा तोड़ा है और सत्तारूढ़ पार्टी राज्य की राजनीतिक और सामाजिक स्थिति को समझने में विफल रही है.
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