श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लापता स्वरूपों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को एक बड़ी कामयाबी मिली है. नवांशहर जिले के बंगा से पुलिस ने 169 स्वरूप बरामद किए हैं, जिनमें से 139 स्वरूपों का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं मिला है. इस घटनाक्रम की जानकारी मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद मुक्तसर में माघी मेला कॉन्फ्रेंस के दौरान साझा की.
माघी मेले की राजनीतिक कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान को बीच भाषण में यह जानकारी दी गई. उन्होंने तुरंत जनता के साथ इसे साझा करते हुए बताया, "SIT ने बंगा से 169 स्वरूप बरामद किए हैं. इनमें से केवल 30 स्वरूपों का रिकॉर्ड मिला है, जबकि 139 स्वरूपों के बारे में कोई दस्तावेजी जानकारी नहीं है."
क्या ये वही 328 लापता स्वरूप हैं?
वर्तमान में SIT वर्ष 2020 में अमृतसर स्थित शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की प्रिंटिंग प्रेस से गायब हुए 328 स्वरूपों की जांच कर रही है. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि बंगा से मिले ये स्वरूप उन्हीं 328 लापता स्वरूपों का हिस्सा हैं या नहीं. पुलिस और SIT बरामद स्वरूपों के मिलान की प्रक्रिया में जुटी है.
SGPC और SIT के बीच समन्वय
इस मामले में पहले SGPC और SIT के बीच जांच को लेकर मतभेद थे, लेकिन अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज के आदेश के बाद SGPC ने सहयोग करना शुरू किया है. मंगलवार को SIT के सदस्यों ने अमृतसर और चंडीगढ़ स्थित SGPC दफ्तरों का दौरा कर महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए हैं.
अब तक की कार्रवाई
पंजाब सरकार ने दिसंबर 2024 में इस मामले में 16 लोगों के खिलाफ अमृतसर में प्राथमिकी दर्ज की थी. इस संवेदनशील मामले में अब तक दो गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. मुख्यमंत्री ने दोहराया कि गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी और लापता स्वरूपों के मामले में दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.