पंजाब में शुक्रवार (1 अगस्त) से 'युद्ध, नशे के विरुद्ध' अभियान के तहत पंजाब के स्कूलों में 9वीं से 12वीं तक के बच्चों के लिए नशा विरोधी पाठ्यक्रम की शुरुआत की गई. इस दिन को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ऐतिहासिक दिन बताया.

अरविंद केजरीवाल ने कहा, "आज पंजाब के लिए ही नहीं पूरे देश के लिए ऐतिहासिक दिन है. जब बच्चों को बचपन से उनके पाठ्यक्रम में नशे के खिलाफ शिक्षा दी जाएगी. पंजाब मे नशा एक दिन में शुरू नहीं हुआ. कई सालों से पंजाब नशे से जूझ रहा है. 2007-08 से ये नशा आना शुरू हुआ."

 

'खुले आम नशा बेचते थे मंत्री'

उन्होंने कहा, "2008 के बाद बाद जितनी सरकारें रहीं, कुछ सरकारें ऐसी थी, जिनके मंत्री खुलेआम नशा बेचते थे. उनके मंत्री पंजाब के कोने-कोने में नशा सप्लाई करते थे. इंटरनेशनल ड्रग स्मगलर आते थे और ये मंत्री उन्हें अपने साथ अपनी कोठियों में रखते थे."

'पिछली सरकारों ने नशे के खिलाफ नहीं लिया एक्शन'

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा, "जो सरकारें आईं उन्होंने नशे के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया. लेकिन 2022 में लोगों ने तंग आकर एक नई पार्टी आम आदमी पार्टी को मौका दिया कि ये बीजेपी, कांग्रेस और अकाली दल कुछ नहीं कर रहे आप करके दिखाओ."

'ऐसा युद्ध पूरे देश में कहीं नहीं'

अपने भाषण के दौरान आप प्रमुख ने कहा, "कुछ महीनों से नशे के खिलाफ जो युद्ध शुरू हुआ है. पूरे देश में इस तरह से नशे के खिलाफ युद्ध देखने को नहीं मिला कि नशा करने वालों को पकड़ पकड़कर जेल में डाला जा रहा है. सिर्फ पांच महीने के अंदर करीब 23 हजार से ज्यादा एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. 15 हजार से ज्यादा लोग जेल में जा चुके हैं."

'नशा बेचने वालों पर एक्शन'

उन्होंने ये भी कहा, "इन नशा बेचने वालों ने इस गंदे पैसे से बड़े-बड़े महल और कोठियां बना लीं थी, लेकिन अब इन कोठियों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है. आज तक किसी सरकार की हिम्मत नहीं थी इन नशा बेचने वालों के खिलाफ एक्शन लेने की. लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार ईमानदार और बहादुर सरकार है."