पंजाब: 2 किलो मूंग दाल-चीनी, 200 ग्राम हल्दी, 1 लीटर सरसों तेल, 40 लाख परिवारों के लिए ऐलान
Meri Rasoi Scheme: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि 'मेरी रसोई’ योजना की पहल का मकसद गरीब परिवारों के बच्चों को पर्याप्त पोषण सुनिश्चित करना है. 40 लाख परिवारों को इसका लाभ मिलेगा.

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार (23 फरवरी) को 'मेरी रसोई' योजना की शुरुआत की घोषणा की. 40 लाख परिवारों का इस योजना का फायदा मिलेगा. राज्य सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड 40 लाख परिवारों को जरूरी खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएगी. सरकार फूड किट बनाकर लोगों को बांटेगी. नीले कार्ड धारकों को ये किट दी जाएगी. इसमें दाल, चीनी, नमक, हल्दी और सरसो तेल शामिल है.
चंडीगढ़ में मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मीडिया से बात करते हुए सीएम भगवंत मान ने कहा कि इस पहल का मकसद गरीब परिवारों के बच्चों को पर्याप्त पोषण सुनिश्चित करना है.
मुख्यमंत्री @BhagwantMann जी की पंजाब के 40 लाख परिवारों के लिए ‘मेरी रसोई’ योजना से पौष्टिक राशन देने का ऐतिहासिक एलान :
— AAP (@AamAadmiParty) February 23, 2026
नीले कार्ड धारकों को फ़ूड किट मिलेगी जिसमें—
👉2 किलो मूंग-छोले की दाल
👉2 किलो चीनी
👉1 किलो आयोडीन युक्त नमक
👉200 ग्राम हल्दी
👉1 लीटर सरसों का तेल… pic.twitter.com/s15iRYfFiq
हर वर्ग का ख्याल रख रही AAP सरकार- भगवंत मान
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पहले से ही इन लाभार्थियों को रियायती दरों पर गेहूं उपलब्ध करा रही है और वह राज्य के प्रत्येक व्यक्ति को स्वस्थ रखने के लिए प्रतिबद्ध है. सीएम मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब के हर वर्ग का ख्याल रख रही है ताकि गरीब परिवारों के बच्चों को भी पौष्टिक आहार मिल सके.
'मेरी रसोई' योजना के तहत क्या और कितना मिलेगा?
- 2 किलो मूंग दाल
- 2 किलो चीनी
- 1 किलो आयोडीन युक्त नमक
- 200 ग्राम हल्दी
- 1 लीटर सरसों का तेल
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की समय-समय पर होगी जांच- भगवंत मान
मुख्यमंत्री मान ने कहा, ''ऐसा पाया गया है कि गरीब परिवारों के कई बच्चों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल रहा है. सरकार लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं में सुधार कर रही है. इन सामग्रियों का वितरण तिमाही आधार पर किया जाएगा, जिसका पहला चरण अप्रैल में शुरू होने वाला है.'' उन्होंने जानकारी देते हुए आगे बताया कि यह योजना मार्कफेड (Markfed) और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से चलाई जाएगी, और मानकों को बनाए रखने के लिए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच की जाएगी.
Source: IOCL


























