मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब में उद्योग फ्रेंडली माहौल बन गया है. देश- दुनिया के उद्योगपति पंजाब की सरजमीं पर अपने उद्योग लगाना चाहते हैं. पंजाब की पहचान अबतक कृषि प्रधान राज्य के रूप में थी. लेकिन मान सरकार के प्रयासों से यहां तेजी से औद्योगीकरण बढ़ा है. इसका फायदा राज्य को मिला है. एक तरफ लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं. वहीं पंजाब की अर्थव्यवस्था को लगातार मजबूती मिल रही है.

नई अद्योगिक पॉलिसीमुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व संभालने के बाद से पंजाब में निवेश तेजी से बढ़ रहा है. मान सरकार की नीतियों और उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए दी जा रही सुविधाओं से निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है.

इसी क्रम में इस साल के बजट में मान सरकार ने नई औद्योगिक पॉलिसी लाने की घोषणा की है. इसके तहत पंजाब में उद्योग लगाने के लिए 45 दिन में अनुमति मिलेगी. मान सरकार का मानना है कि नई औद्योगिक पॉलिसी राज्य में रोजगार सृजन और तरक्की को बढ़ावा देगी.

उद्योगों को वित्तीय प्रोत्साहनमान सरकार पंजाब में तेजी से रोजगार बढ़ाने के लिए औद्योगीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है. इसी के तहत मान सरकार ने उद्योगों को वित्तीय प्रोत्साहन देने का फैसला किया है. योजनाबद्ध तरीके से उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए मान सरकार ने इस बार के बजट में 250 करोड़ रुपये का आवंटन किया है.

पंजाब में तेजी से आ रहा निवेशमुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के लगातार प्रयासों से पंजाब में इन्वेस्टमेंट की रफ्तार तेज हो गई है. पिछले तीन वर्षों में पंजाब में कुल 1,00,346 करोड़ रुपये का निवेश आया है. कृषि प्रधान राज्य का औद्योगिक क्षेत्र अब पंजाब की अर्थव्यवस्था में 27 प्रतिशत का योगदान दे रहा है.

सुविधाओं से बढ़ा निवेशकों का भरोसापंजाब के सभी जिलों में एमएसएमई के लिए विकसित शेड, फ्लैटेड फैक्ट्रियां और प्लग एंड प्ले सेंटर जैसा बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जा रहा है. इससे राज्य में बड़ी संख्या में छोटे-बड़े उद्योग विकसित हो रहे हैं. साथ ही 26 तरह के उद्योगों के विकास के लिए उद्योग सलाहकार आयोग का गठन किया गया है. उद्योग सलाहकार पंजाब में उद्योगों की स्थापना में निवेशकों की मदद करेंगे.

MSME का मजबूत बेस तैयारमुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की कुशल नीतियों की बदौलत पंजाब में 1,00,696 से अधिक एमएसएमई इकाइयों का मजबूत आधार तैयार हुआ है. इनमें 1,057 से अधिक बड़ी और मध्यम फैक्ट्रियां जबकि 99,639 से अधिक सूक्ष्म एवं लघु फैक्ट्रियां चल रही हैं. यह संख्या पंजाब में उद्यमशीलता और भगवंत मान सरकार द्वारा लाई गई जनहितकारी नीतियों का परिणाम है. मान सरकार के प्रयासों से पंजाब उन्नति की उड़ान भर रहा है.

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