पंजाब में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बयार तेज हो गई है. इस बीच सत्तारूढ़ दल आम आदमी पार्टी (AAP) में अंदरूनी राजनीति बढ़ गई है. राघव चड्ढा समेत आप के सात राज्यसभा सांसदों द्वारा बीजेपी में शामिल होने के बाद अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान भड़क गए हैं. आज (मंगलवार, 5 मई) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने विधायकों के साथ मिलकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और सांसदों के बीजेपी में शामिल होने का विरोध जताया. इसी क्रम में अरविंद केजरीवाल ने विधायकों के साथ बैठक कर बीजेपी पर निशाना साधा.

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अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर बड़ा हमला बोला. उन्होंने कहा, "अगर इनकी सरकार आई तो पंजाब का पानी हरियाणा को दे देंगे, भाखड़ा डैम हरियाणा को दे देंगे, चंडीगढ़ उठाकर हरियाणा को दे देंगे, पंजाब यूनिवर्सिटी हरियाणा को दे देंगे. अगर इनकी सरकार आई तो तीनों काले कृषि कानून पंजाब में लागू कर देंगे."

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'पंजाब में आने की औकात नहीं है'- अरविंद केजरीवाल

केजरीवाल ने कहा, "यह हमें बताना पड़ेगा कि अगर पंजाब के अंदर बीजेपी की सरकार आ गई तो ये राज्य को तहस-नहस कर देंगे. पंजाब को रौंद डालेंगे... लेकिन इनकी औकात नहीं है कि ये लोग आ पाएं."

'आक्रमणकारियों को रोकना पंजाब की जिम्मेदारी'

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'जिसने भी आज तक भारत पर आक्रमण किया है, वो पश्चिम से आया और पंजाब ने उसको रोका. पंजाबियों ने इन आक्रमणकारियों को अपना खून बहाकर रोका लेकिन इस बार अंदर से एक दुश्मन पैदा हुआ है. इसको भी पंजाब वालों को अपने तन-मन और धन से रोकना है. देश को अपना जनतंत्र वापस दिलाना है और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर को वापस लागू कराना है. यह हम सबकी जिम्मेदारी है, पंजाब की जिम्मेदारी है, पंजाबियों की जिम्मेदारी है.'

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