पंजाब कांग्रेस में दलित वर्सेज जट्ट सिख राजनीति शुरू हो गई है. शनिवार (17 जनवरी) को पंजाब कांग्रेस के SC विंग की मीटिंग में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पंजाब कांग्रेस में दलितों को सही प्रतिनिधित्व न मिलने की शिकायत की थी.
उन्होंने कहा था कि पार्टी राज्य अध्यक्ष, नेता विपक्ष, छात्र और महिला विंग पर जट्ट सिख चेहरे हैं. दलितों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है. इस दौरान मीटिंग में बैठे दलित नेताओं ने इस बात पर उनके पक्ष में नारेबाजी भी कर दी थी. हालांकि इस घटना का वीडियो अभी पब्लिक नहीं हुआ है पर कांग्रेस के नेता ने वो वीडियो दिखाई है जिसमें चन्नी ये बोलते हुए दिखे हैं.
मामले पर क्या बोले अमरिंदर सिंह राजा वडिंग?
इस मसले पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा है कि मीटिंग के अंदर क्या हुआ ये मैं नहीं बता सकता, क्योंकि ये पार्टी का अंदरूनी मामला है. हालांकि चन्नी की बातों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि चन्नी को पार्टी ने मुख्यमंत्री बनाया.
'वो दो विधानसभा सीटों से चुनाव हारे थे'
अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि वे दो विधानसभा सीटों से चुनाव हारे थे मगर पार्टी ने उन्हें जालंधर से लोक सभा चुनाव लड़वाया और वे जीते. जब वे विधानसभा में नेता विपक्ष बने थे तो सुनील जाखड़ को हटाकर उन्हें CLP नेता बनाया गया था.
उन्होंने आगे कहा कि चन्नी कांग्रेस वर्किंग कमेटी के परमानेंट मेंबर हैं. तो ऐसा नहीं कह सकता कोई कि कांग्रेस में दलितों को प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है. हालांकि उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक सेकुलर पार्टी है और जाती और धर्म पर आधारित निर्णय नहीं लेती है.
2027 में होने हैं विधानसभा चुनाव
बता दें कि आगामी साल 2027 में पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं. इस बीच पार्टी में में अंदरूनी हलचल तेज हो गई है. इस बीच पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा कि हम यहां 2022 वाली गलती नहीं करेंगे. मुख्यमंत्री का नाम घोषित किए बिना पार्टी चुनाव लड़ेगी.