'राहुल गांधी से इतना डरते क्यों हैं निशिकांत दुबे?' भड़के अमरिंदर राजा वडिंग, बोले- सदन किसी के बाप का...
Congress Leader Amrinder Singh News: संसद में निलंबन और एलपीजी नोटिस को लेकर कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने सरकार पर निशाना साधा. राहुल गांधी पर बयान को लेकर निशिकांत दुबे पर सवाल उठाए.

कांग्रेस सांसद और पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने संसद में विपक्षी सांसदों के निलंबन और एलपीजी की संभावित कमी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. साथ ही भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को राहुल गांधी पर दिए बयानों को लेकर जमकर घेरा. उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है और संसद में चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ गलत व्यवहार हो रहा है.
राहुल गांधी को लेकर निशिकांत दुबे पर तंज
राजा वारिंग ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे पर निशाना साधते हुए कहा, "जब निशिकांत दुबे, राहुल गांधी को देखते हैं तो उनके पेट में दर्द होने लगता है, जैसे उन्हें फूड प्वाइजनिंग हो गई हो. उन्हें रात-दिन, सुबह-शाम, सोते-जागते राहुल गांधी ही दिखाई देते हैं."
उन्होंने निशिकांत से सवाल पूछा, "राहुल गांधी से इतना डर क्यों है? क्या चाय पीना कोई गुनाह है? चाय अंदर पी ली या सीढ़ियों पर पी ली. जब आपने हमें बाहर निकाल रखा है और आज सत्र चलते हुए बीस दिन हो गए हैं, तो हम बीस दिनों से बाहर ही हैं. क्या आपको जरा भी शर्म नहीं आती कि आप हमसे कहते हैं कि चाय पीनी है तो कैंटीन में जाओ या फलां जगह जाओ? अगर चाय पीना गुनाह है तो साफ-साफ बता दीजिए."
संसद से निलंबन पर जताई नाराजगी
उन्होंने आगे कहा, "पूरा दिन एक चुना हुआ जनप्रतिनिधि, जिसे अंदर जाकर अपने लोगों की बात रखनी है, उसे आप सीढ़ियों पर बैठाकर रखेंगे, सिर्फ इसलिए कि आपकी अहंकार है कि हम आकर हाथ जोड़ें, आपके पांव छुएं, तब आप हमें बहाल करेंगे. हमारा गुनाह क्या है? हमारा गुनाह सिर्फ इतना है कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा था, जबकि वे देश के मुद्दों पर चर्चा करना चाहते थे. जब हमने कहा कि उन्हें बोलने दीजिए, तो हम वेल में आए, नारे लगाए और आपने हमें निलंबित कर दिया."
उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसद कोई स्कूल के छात्र नहीं हैं जिन्हें लंबे समय तक सजा देकर रखा जाए. उन्होंने कहा, "एक दिन हुआ, दो दिन हुए, लेकिन हम कोई स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थी नहीं हैं. वहां भी शिक्षक एक-दो दिन की सजा देकर छोड़ देते हैं."
उन्होंने आगे कहा कि, "निशिकांत दुबे साहब, यह सदन किसी के बाप का नहीं है. यह सदन हम सबका है. बाबा साहब अंबेडकर ने हमें यह अधिकार दिया है कि हम जहां चाहें बैठें, जहां चाहें खाएं, लेकिन गरिमा के साथ. हम आपकी तरह अंदर बैठकर अपने मुंह से आग नहीं उगलते. हम अपनी बात रखते हैं और आगे भी रखते रहेंगे.”
एलपीजी की कमी पर उठाए सवाल
एलपीजी की संभावित कमी को लेकर भी राजा वारिंग ने सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कई जगहों पर नोटिस जारी किए गए हैं, जिससे लोगों में चिंता का माहौल बन रहा है.
उन्होंने कहा, "तमाम जगहों पर, यहाँ तक कि विश्वविद्यालयों और होटलों में भी नोटिस जारी कर दिए गए हैं. हर तरफ हड़बड़ी का माहौल है. आप ही बता दीजिए कि हम कौन-सी अफवाह फैला रहे हैं. देखिए, हमारी कही हुई बात तब तक असर नहीं करेगी, जब तक एलपीजी की कमी नहीं होगी. अगर हम इस तरह की अफवाह फैलाने की कोशिश भी करें, तो लोग क्यों मानेंगे, जब वास्तव में कोई कमी हुई ही नहीं है?"
नोटिस को लेकर भी उठाया मुद्दा
राजा वारिंग ने कहा कि मंत्रालय की ओर से भेजे गए पत्रों की वजह से ही यह चर्चा शुरू हुई है. उन्होंने कहा, "असल में आपके मंत्रालय की तरफ से जो पत्र भेजे गए हैं, उनके बारे में बात हो रही है. कल राज्यसभा के सदस्य और लवली यूनिवर्सिटी के मालिक, जिनका नाम अशोक जी है, उनसे पूछ लीजिए. उन्हें भारत पेट्रोलियम की ओर से नोटिस गया है. हालांकि उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो बच्चे फिर सड़कों पर आ जाएंगे. वे कह रहे थे कि जालंधर में बीस-तीस हजार बच्चे पढ़ते हैं, ऐसे में वे विश्वविद्यालय कैसे चलाएंगे?"
उन्होंने कहा कि अगर एलपीजी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है तो सरकार को स्पष्ट रूप से यह बताना चाहिए. उन्होंने कहा, "हम तो सिर्फ इतना कह रहे हैं कि जो स्थिति बनने वाली है, उसके संकेत दिख रहे हैं. अगर इस तरह के नोटिस आ रहे हैं तो डरने की क्या बात है? अगर आपके पास सिलेंडर है और एलपीजी उपलब्ध है, तो फिर कोई समस्या नहीं है."
Source: IOCL




























