चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट आया है. चंडीगढ़ मेयर पद के चुनाव में आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव का असर साफ पड़ता दिख रहा है. दरअसल, इस बार चंडीगढ़ नगर निगम मेयर चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस (INC) का गठबंधन नहीं होगा. पिछले चुनाव दोनों दलों ने साथ मिलकर इलेक्शन लड़ा था. 

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इसका असर यह हुआ है कि आप-कांग्रेस के गठबंधन न होने के चलते मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पर बीजेपी की जीत लगभग पक्की हो गई है क्योंकि बीजेपी के पास 35 में से 18 पार्षद हैं जबकि आप के पास 11 और कांग्रेस के पास 6 पार्षद हैं. इसके लिए आज (गुरुवार 22 जनवरी) नामांकन भरे जाएंगे. 

AAP और कांग्रेस पदाधिकारियों ने दी जानकारी

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दरअसल, इस बात पर काफी समय से सस्पेंस चल रहा था कि इंडिया गठबंधन के साथी दोनों दलों में अलायंस होगा या नहीं? इन सवालों का जवाब आम आदमी पार्टी के चंडीगढ़ प्रभारी जरनैल सिंह ने अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए दी है. साथ ही, चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष हरमोहिंदर सिंह लक्की ने भी ये जानकारी दी है. 

चंडीगढ़ में BJP 18 पार्षद

अब आम आदमी पार्टी और कांग्रेस तीनों पदों के लिए पर अपने अपने उम्मीदवार खड़े करेंगे. बता दें, चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 35 पार्षद हैं. इसमें बीजेपी के 18 पार्षद हैं, आम आदमी पार्टी के 11 पार्षद और कांग्रेस के 6 पार्षद हैं. एक वोट चंडीगढ़ के सांसद का है जो कांग्रेस के मनीष तिवारी हैं.  

पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनजर फैसला

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी, दोनों दलों ने चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में गठबंधन न करने का फैसला इसलिए लिया है, क्योंकि अगले साल पंजाब विधानसभा चुनाव हैं. अगर नगर निगम में दोनों दल साथ होते तो पंजाब में अलग होने के लिए पार्टियों के पास जवाब नहीं होता.  

आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की पंजाब यूनिट का दबाव भी इस गठबंधन के ना होने के पीछे की वजह माना जा रहा है. संख्या ना होने के बावजूद दोनों ही पार्टियां इस चुनाव में अपने उम्मीदवार उतरेंगी.