अमृतसर में 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर एक बार फिर सियासी माहौल गरमा गया है. आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार (1 सितंबर) को बीजेपी के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ के आवास के बाहर प्रदर्शन किया. यह प्रदर्शन 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषी रहे पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार के निधन के बाद उनके घर बीजेपी नेताओं के पहुंचने और शोक जताने की खबरों के विरोध में किया गया.
AAP कार्यकर्ताओं का कहना है कि सज्जन कुमार को 1984 के सिख विरोधी दंगों में दोषी ठहराया गया था. ऐसे में बीजेपी नेताओं का उनके निधन के बाद उनके घर जाकर शोक जताना सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम है. इसी मुद्दे को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने तरुण चुघ के घर के बाहर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया.
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सज्जन कुमार का 20 अगस्त को निधन हुआ था. उनके निधन के बाद बीजेपी नेताओं के उनके आवास पर पहुंचने की खबर सामने आई थी. इसके बाद आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए सवाल उठाए और इस पूरे मामले की आलोचना की.
तरुण चुघ के आवास के बाहर भारी सुरक्षा
प्रदर्शन को देखते हुए पंजाब पुलिस ने तरुण चुघ के आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी. बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को मौके पर तैनात किया गया, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके और कानून-व्यवस्था बनी रहे.
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ADCP) हरपाल सिंह ने कहा कि पुलिस पूरी तरह सतर्क है और इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं. पुलिस प्रदर्शन पर नजर रख रही है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है.
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सज्जन कुमार का नाम 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में प्रमुख रूप से सामने आया था. ऐसे में उनके निधन के बाद बीजेपी नेताओं के शोक जताने को लेकर AAP ने सवाल खड़े किए हैं. इस मुद्दे ने अमृतसर में एक बार फिर AAP और बीजेपी के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ा दिया है.
