Minister Nitin Gadkari: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में हरिद्वार और दिल्ली में हुए धार्मिक सम्मेलनों में नफरत भरे भाषणों को लेकर बयान दिया है. एक टीवी चैनल से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इसे नकारा जाना चाहिए और कोई महत्व नहीं दिया जाना चाहिए. ऐसे मामलों में, कानून को अपना काम करने देना चाहिए. बता दें कि हरिद्वार कथित नफरती भाषण के मामले में अब तक केवल पांच लोगों का नाम लिया गया है.
'नफरत फैलाना हमारी विरासत नहीं'
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि "मेरे विचार में, स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में धार्मिक सम्मेलन में यह सब कहा - कि हमारा धर्म सहिष्णुता, सादगी, समावेश पर आधारित है, हमारे राजाओं ने कभी किसी की पूजा की जगह नहीं तोड़ी. हम विस्तारवादी नहीं हैं. हम हर किसी का अच्छा चाहते हैं." उन्होंने कहा कि यह हमारी विरासत और हमारा दृष्टिकोण है. इसलिए जो भी इसके खिलाफ जाता है वह हमारा दृष्टिकोण नहीं है. इसे नकार दिया जाना चाहिए और कोई महत्व नहीं दिया जाना चाहिए.
'हमें सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए'
यह पूछे जाने पर कि क्या ऐसे मामलों में कार्रवाई की जानी चाहिए, जहां दरार और सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश की जाती है, उन्होंने कहा कि कानून को अपना काम करना चाहिए. उन्होंने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के "सबका साथ" नारे का आह्वान करते हुए कहा, "हमें सहिष्णु रहना चाहिए, सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए, किसी की भावनाओं को आहत नहीं करना चाहिए और सभी को आगे बढ़ाना चाहिए."
मुस्लिम महिलाओं की 'नीलामी' करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली बुल्ली बाई ऐप पर उनके विचारों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "कुछ व्यक्तियों के कार्यों को समाज के प्रतिबिंब के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए. कानून अपना काम करेगा."
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