बीएमसी में आरक्षण तय होने के बाद बीजेपी की पहली प्रतिक्रिया सामने आ गई है. मुंबई बीजेपी चीफ अमित साटम ने कहा कि अगर सारे पत्ते अभी ही खोल दिए जाएंगे तो कोई एक्साइटमेंट ही नहीं बचेगा. उन्होंने कहा कि अगले दो-तीन दिनों में बीजेपी और शिवसेना की बैठक होगी. इसके बाद मेयर पद के लिए नाम तय किया जाएगा. उन्होंने कहा कि ये गर्व की बात है कि एक महिला बीएमसी की मेयर होगी. महिला के नेतृत्व में मुंबई को एक दिशा मिलेगी और भ्रष्टाचार मुक्त शासन मिलेगा.

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महिला कोटे में मुंबई में मेयर का पद

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के मेयर पद का आरक्षण लॉटरी सिस्टम के जरिए तय किया गया है. आरक्षण के बाद मुंबई में मेयर का पद महिला कोटे में चला गया है. अब इसे लेकर सियासत भी तेज हो गई है. उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना (यूबीटी) ने इसका कड़ा विरोध किया है और लॉटरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं. उद्धव गुट का कहना है कि जब ओबीसी आरक्षण के लिए ड्रॉ निकाला गया तो मुंबई को इससे बाहर क्यों रखा गया?

बीएमसी चुनाव में किसे कितनी सीटें मिलीं?

बीएमसी समेत महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिका के चुनाव 15 जनवरी 2026 को हुए थे. वहीं नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए गए थे. बीएमसी चुनाव में बीजेपी और शिंदे गुट की शिवसेना को बहुमत मिला है. बीजेपी ने 89 सीटें जीतीं जबकि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 29 सीटें हासिल कीं जिससे गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिल गया. 

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वहीं इस चुनाव में उद्धव ठाकरे गुट को 65 सीटों पर जीत मिली है. राज ठाकरे की MNS को 6 सीटें मिलीं. वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस को 24 सीटें, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) को 8, अजित पवार की एनसीपी को 3, समाजवादी पार्टी को दो और शरद पवार की पार्टी एनसीपी (एसपी) के खाते में सिर्फ एक सीट गई है.