महिला आरक्षण विधेयक को लेकर जारी बहस के बीच शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रतिक्रिया दी है. पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत के मुताबिक, उद्धव ठाकरे ने महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि इस विधेयक को लेकर वर्तमान में राजनीतिक हंगामा मचा हुआ है. शिवसेना का रुख स्पष्ट है. महिला आरक्षण विधेयक 2023 में संसद में पहले ही पारित हो चुका है. 33 फीसदी महिला आरक्षण को तत्काल लागू किया जाए.
इसके साथ ही उद्धव ठाकरे ने परिसीमन के मसले पर अस्थायी तौर पर विराम लगाए जाने की मांग की. संजय राउत के मुताबिक उद्धव ठाकरे ने कहा, ''यह व्यापक राष्ट्रीय एकता के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है. हमारे लिए यह किसी एक पार्टी के राजनीतिक भविष्य का सवाल नहीं है, बल्कि देश के भविष्य का सवाल है. इसलिए, इस पर और अधिक चर्चा और विचार-विमर्श जरूरी है.”
महिला आरक्षण को लेकर पीएम मोदी क्या बोले?
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर पीएम मोदी ने गुरुवार (16 अप्रैल) को लोकसभा में संबोधन के दौरान कहा जीवन में कुछ महत्वपूर्ण पल आते हैं. उस समय समाज की मनोस्थिति और नेतृत्व की क्षमता उस पल को कैप्चर करके एक राष्ट्र की अमानत बना देती है, एक मजबूत धरोहर तैयार कर देती है. उन्होंने कहा, ''आवश्यकता के अनुसार समय-समय पर सुधार भी होते. यही लोकतंत्र की ड्यूटी होती है. हमारी हजारों वर्ष की लोकतंत्र की विकास यात्रा रही है. हम सब भाग्यवान हैं कि हमें ऐसे महत्वपूर्ण और देश की आधी आबादी को राष्ट्र निर्माण की नीति निर्धारण की प्रक्रिया में हिस्सेदार बनाने का सौभाग्य मिल रहा है. मैं चाहता हूं कि सभी सांसद इस महत्वपूर्ण अवसर को जाने न दें.''
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बता दें कि महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों को लेकर संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है. महिला आरक्षण कानून को 2029 के आम चुनाव से पहले लागू करने के लिए परिसीमन करके लोकसभा सीटों की संख्या मौजूदा 543 से बढ़ाकर लगभग 850 तक की जा सकती है. संविधान संशोधन विधेयक के मसौदे के अनुसार, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए सीटें बढ़ाई जाएंगी.
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