'राहुल गांधी ने देश के लोकतंत्र...', महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद संजय राउत का बड़ा बयान
Womens Reservation Bill: महाराष्ट्र से सांसद संजय राउत ने राहुल गांधी की जमकर तारीफ की है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने देश के बहुत प्रभावशाली नेता हैं.

देश की संसद में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक दो तिहाई बहुमत न होने की वजह से पास नहीं हो पाया. इस बीच राहुल गांधी को लेकर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है. संसद में बहस के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चुनौती देते हुए कहा था कि हम इस बिल को यहीं हराएंगे.
वहीं राहुल गांधी के इस बयान पर शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कल देश के लोकतंत्र बचाने के आंदोलन का नेतृत्व किया है. राहुल गांधी देश के बहुत प्रभावशाली नेता हैं. राहुल गांधी के नेतृत्व में हम लोगों ने कल एक बहुत बड़ी जंग को जीत में बदल दिया है.
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मराठी भाषा को लेकर क्या बोले संजय राउत?
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि हर राज्य में अपनी मातृभाषा अनिवार्य करनी चाहिए. यह सरकार की नीति है और आरएसएस की भी नीति है कि मातृभाषा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. इसमें क्या गलत है? महाराष्ट्र की मातृभाषा मराठी है. वहां काम करने, पढ़ाई करने और आजीविका कमाने वालों को स्थानीय भाषा का ज्ञान होना चाहिए.
यह एक राजनीतिक साजिश थी- संजय राउत
सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा कि महिला आरक्षण विधेयक एक राजनीतिक साजिश थी, और यह विफल हो गई. यह मोदी और उनके गुट के पतन की शुरुआत है. वे महिला आरक्षण की आड़ में मनमाने ढंग से मतदाताओं के गठबंधन में हेरफेर करके सभी चुनाव जीतना चाहते थे. संसद में उनकी ये योजनाएं धराशायी हो गईं. वे लोकसभा सीटों की संख्या मनमाने ढंग से नहीं बढ़ा सके, लेकिन उन्हें संविधान की शक्ति और अपनी वास्तविक ताकत का एहसास हो गया है.
उन्होंने आगे लिखा कि प्रधानमंत्री का पद केवल 16 सांसदों के बहुमत पर टिका है. अगर ये 16 भी कम हो गए, तो उन्हें अपना बोरिया-बिस्तर बांधकर बाहर जाना पड़ेगा. आज के घटनाक्रम का यही अर्थ है. मोदी का पतन जल्द ही होने वाला है. मेरी बात याद रखना. राहुल गांधी ने उन 16 सांसदों के गले में फंदा डाल दिया है.
संजय राउत ने बिल को लेकर क्या कहा?
संजय राउत ने बिल पेश होने से पहले कहा था कि महिला आरक्षण के आड़ में जो परिसीमन का खेल चल रहा है, वह बहुत गंभीर है. बीजेपी अपने अनुसार पॉलिटिकल मैप बनाने की कोशिश कर रही है. उत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों के बीच बीजेपी ने मतभेद पैदा कर दिया है. दक्षिण के राज्यों को कमजोर बना दिया है. दो-चार राज्यों की ताकत इतनी बढ़ा दी है कि वही देश की राजनीति तय करेंगे.
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