मुंबई महानगरपालिका में मेयर पद के लिए आरक्षण तय होने के एक दिन बाद डिप्टी सीएम और शिवसेना के चीफ एकनाथ शिंदे की प्रतिक्रिया सामने आई. मुंबई का मेयर कौन होगा, इस पर उन्होंने कोई साफ जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा कि मेयर महायुति का होगा. हालांकि, साथ ही साथ उन्होंने ये भी कह दिया कि हम सत्ता और कुर्सी के लिए साथ नहीं है. तो अब सवाल है कि क्या शिवसेना ने दावेदारी छोड़ दी है. ये तस्वीर आने वाले दिनों में साफ हो जाएगी. 

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सीएम के लौटने के बाद होगा फैसला- सूत्र

बता दें कि महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस अभी दावोस में हैं और वापस लौटने वाले हैं. सूत्रों के मुताबिक,  उनके आने के बाद शिवसेना और बीजेपी के नेताओं की बैठक में मेयर पद पर फैसला हो जाएगा. एक बात जो साफ है वो ये कि इस बार एक महिला ही मेयर पद पर काबिज होंगी. विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर की रिश्तेदार हर्षिता नार्वेकर सहित कई नाम बीजेपी कोटे से आगे चल रहे हैं.

बीजेपी और शिवसेना के पास बहुमत से ज्यादा पार्षद

बीजेपी का दावा इसलिए भी मजबूत माना जा रहा है कि क्योंकि वो बीएमसी की सबसे बड़ी पार्टी बनी है. बीजेपी ने शिवसेना के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा और 227 में से 89 सीटों पर कब्जा जमाया. एकनाथ शिंदे की शिवसेना 29 सीटों पर ही जीत सकी. दोनों का आंकड़ा 118 होता है और बीएमसी में सरकार बनाने के लिए 114 पार्षदों के समर्थन की जरूरत है. ऐसे में बीजेपी और शिवसेना के पास बहुमत से ज्यादा का आंकड़ा है.

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बता दें कि 16 जनवरी को महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनावों के नतीजे घोषित हुए थे. 22 जनवरी को लॉटरी के जरिए मेयर पदों के लिए आरक्षण की घोषणा हुई. अभी तक किसी भी महानगरपालिका में मेयर पद के लिए किसी भी दल ने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है. लेकिन सभी सियासी दल समीकरण साधने में जुटे हुए हैं.