Maharashtra News: 21 साल की सेवा में IAS तुकाराम मुंधे का 24वीं बार ट्रांसफर, जानें कौन हैं अधिकारी?
IAS Tukaram Mundhe Transfer: तुकाराम मुंधे महाराष्ट्र के बीड़ जिले के रहने वाले हैं.नौकरशाही में 21 वर्षों की सेवा में यह उनका 24वां तबादला है.

भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी तुकाराम मुंधे का मंगलवार (31 मार्च) को महाराष्ट्र सरकार द्वारा तबादला कर दिया गया. नौकरशाही में 21 वर्षों की सेवा में यह उनका 24वां तबादला है. एक ईमानदार सिविल सेवक माने जाने वाले मुंधे उन कई आईएएस अधिकारियों में शामिल हैं, जिनका तबादला सरकार ने किया है.
अधिकारियों ने बताया कि जिन अधाकरियों का तबादला किया गया, उनमें अश्विनी भिडे, विकास चंद्र रस्तोगी और लोकेश चंद्र भी शामिल हैं. मुंबई स्थित मंत्रालय में दिव्यांग कल्याण विभाग के सचिव मुंधे का तबादला राज्य सचिवालय में सचिव, आपदा प्रबंधन, पुनर्वास, राजस्व और वन विभाग के पद पर किया गया है.
2025 में दिव्यांग कल्याण विभाग के बने थे सचिव
तुकाराम मुंधे को अगस्त 2025 में, यानी एक साल से भी कम समय पहले दिव्यांग कल्याण विभाग के सचिव के पद पर तैनात किया गया था. मुख्यमंत्री की अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में कार्यरत अश्विनी भिडे को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) का आयुक्त नियुक्त किया गया है. अश्विनी भिडे, भारत के सबसे धनी नागरिक निकाय के 154 साल के इतिहास में इस पद को संभालने वाली पहली महिला बनी हैं.
इन शहरों में दे चुके हैं सेवा
आईएएस तुकाराम मुंधे पुणे महानगर परिवहन महामंडल लिमिटेड के तौर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. साथ ही वह नवी मुंबई के कमिश्नर का कार्यभार भी संभाल चुके हैं. अपने 24वें ट्रांसफर की वजह से वह एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं. हलांकि हमेशा से ही उनकी पहचान एक सख्त अधिकारी के तौर पर ही हुई है. उन्हें अपने इस प्रशासनिक करियर में कई अहम पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है.
कौन हैं आईएएस तुकाराम मुंधे?
तुकाराम मुंधे महाराष्ट्र के बीड़ जिले के रहने वाले हैं. तुकाराम ने अपनी शुरुआती शिक्षा जिला परिषद के सरकारी स्कूल से ग्रहण की. वह ओबीसी के वंजारी समाज से आते हैं. उनके पिता किसान रहे हैं. 10वीं तक पढ़ाई करने के बाद अपने औरंगाबाद स्थित अपने रिश्तेदारों के घर आ गए थे. यहां आकर उन्होंने अपने कॉलेज की पढ़ाई पूरी की. उन्होंने साल 2005 में यूपीएससी की परीक्षा पास की और आईएएस अधिकारी बन गए.
वह पहली पोस्टिंग में सोलापुर के सब-कलेक्टर बने थे. मुंधे को भ्रष्टाचार खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए भी जाना जाता है. उन्होंने कई कार्रवाई में अवैध गतिविधियों पर मोटा जुर्माना ठोक रखा है. उन्हें उनकी ईमानदारी के लिए भी जाना जाता है. सरकार ने एक बार फिर उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी है.
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