Mumbai News: 'झूठ परोसना के लिए बकवास...', नितेश राणे के 'मदरसों में आतंकी' वाले बयान पर भड़के वारिस पठान
Waris Pathan On Nitesh Rane: एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने नितेश राणे को घेरते हुए कहा कि इस तरह के अल्फाज इस्तेमाल करके तमाम फ्रीडम फाइटर्स का अपमान कर रहे हैं.

महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे के 'मदरसों में आतंकवादी तैयार होते हैं' वाले बयान पर राजनीति तेज हो गई है. इस पर एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि संविधान सबके बराबरी की बात करता है. अब नितेश राणे को झूठ बोलने की आदत सी पड़ गई है. उनको पता नहीं है कि मदरसों में कितन बड़े-बड़े मुफ्ती, उलेमा और स्कॉलर पढ़कर निकले हैं. अबुल कलाम आजाद साहब मदरसे से पढ़े. बड़ी संख्या में उलेमा और स्कॉलर ने अंग्रेजों के खिलाफ जंग ए आजादी में हिस्सा लिया. आपको तो नफरत फैलाना है. झूठ परोसना के लिए अनाप-शनाप बकवास करते हैं.
वारिस पठाने ने कहा, ''क्या ये लोग जो मदरसे से पढ़कर निकले हैं, आतंकवादी हैं? इस तरह के अल्फाज इस्तेमाल करके जो तमाम फ्रीडम फाइटर्स हैं, उनका ये अपमान कर रहे हैं. मेरे पास तो पूरी लिस्ट पड़ी है उन लोगों की, उलेमा इकराम की, इस्लामिक स्कॉलर की, जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की लड़ाई लड़ी. आपके पास कोई लिस्ट है तो बताओ, क्या आरएसएस की शाखा से निकलकर किसी ने जंग-ए आजादी में हिस्सा लिया है?
#WATCH | Mumbai | On Maharashtra Minister Nitesh Rane's statement, AIMIM leader Waris Pathan says, "Nitesh Rane has developed a habit of lying. He doesn't know how many great scholars have emerged from madrasas... Those who participated in the freedom struggle against the… https://t.co/cFwIzjKWsN pic.twitter.com/AncfFhuise
— ANI (@ANI) February 26, 2026
RSS की शाखा वालों ने अंग्रेजों को माफीनामे लिखे- वारिस पठान
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के नेता ने तंज कसते हुए आगे कहा, ''आरएसएस की शाखा वालों ने अंग्रेजों को माफीनामे जरूर लिखे थे. जंग-ए आजादी में किसने हिस्सा लिया, तुम्हारे पास लिस्ट नहीं है. तुमको तो नफरत फैलाना है, झूठ परोसना है तो अनाप-शनाप बकवास तुम्हारे मुंह से निकलती ही रहती है. अगर मंत्रालय से रिपोर्ट हैं कि वहां पर कोई जिहादी गतिविधियां नहीं होती है तो आप किस प्रकार का झूठ परोस रहे हो?''
ऑफिस में नमाज को लेकर क्या बोले वारिस पठान?
ऑफिस में नमाज पढ़ने के आरोपों पर वारिस पठान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ''मुसलमान के लिए पांच वक्त नमाज पढ़ना फर्ज है. रमजान का महीना है, अगर वक्त हो गया और किसी को तकलीफ पहुंचाए बिना नमाज पढ़ ली तो किसी का क्या बिगड़ गया? क्या इन ऑफिसों में हिंदू भाई पूजा नहीं करते हैं. हम तो देखते हैं उनकी रीति रिवाजें, सोशल मीडिया पर भी वायरल होते हैं. पुलिस स्टेशन के अंदर के होते हैं. ऐसे में तो सरकार को कानून बना लेना चाहिए कि किसी भी सरकारी दफ्तर में धार्मिक कार्यक्रम नहीं होने चाहिए. फिर कोई नहीं करेगा. आप कानून बना दीजिए.
आपको मुसलमानों के नमाज से नफरत- वारिस पठान
एआईएमआईएम नेता ने आगे कहा कि आपको मुसलमानों के नमाज से नफरत है. इतनी नफरत फैल रही है. अभी का एक वीडियो है, जिसमें एक ओपन स्पेस के अंदर खुले मैदान में एक मुसलमान व्यक्ति नमाज पढ़ रहा है तो उसको दरिंदा-गुंडा जाकर मारकर भगाता है. माफी मंगवाता है, जय श्रीराम के नारे लगवाता है. आप इस देश को किस दिशा में लेकर जाना चाहते हैं. आपको सिर्फ नफरत परोसना है. मैं सवाल पूछना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी जी आपका 'सबका साथ सबका विकास' कहां गया. क्या इस तरह से विकास होगा. क्या इबादत करना भी अब गुनाह है?
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Source: IOCL
























