महाराष्ट्र: नवरात्रि के गरबा में मुस्लिम बैन, VHP की गाइडलाइंस पर भड़का विपक्ष
महाराष्ट्र में उद्धव गुट, शरद गुट और कांग्रेस ने रविवार को नवरात्रि के दौरान गरबा कार्यक्रमों में मुसलमानों के शामिल होने पर रोक लगाने की VHP की गाइडलाइंस की कड़ी आलोचना की और सरकार को घेरा.

महाराष्ट्र में होने वाले नवरात्रि कार्यक्रमों को लेकर VHP की ओर से जारी गाइडलाइंस पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. एक तरफ विपक्षी दल इस फरमान को असंवैधानिक और मुसलमानों के खिलाफ बता रहे हैं तो दूसरी तरफ बीजेपी का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति में श्रद्धा या आस्था नहीं है, तो उसका इस कार्यक्रम में शामिल होने का कोई मतलब नहीं है.
विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने महाराष्ट्र में गरबा कार्यक्रमों में मुसलमानों के शामिल होने पर रोक लगा दी है. VHP का कहना है कि यह त्योहार हिंदू देवी की पूजा पर केंद्रित है . VHP ने इसके लिए नियम तय किए हैं.
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VHP ने क्या गाइडलाइंस जारी की हैं?
VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता और संयुक्त सचिव श्रीराज नायर ने कहा था कि नवरात्रि केवल डांस और मनोरंजन का त्योहार नहीं है, बल्कि देवी की अराधना का पर्व है. इसलिए इसमें मुसलमानों को गरबा-डांडिया प्रोग्राम में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. VHP ने इस दौरान गरबा और डांडिया के आयोजकों से अपील की है कि वो इसमें हिस्सा लेने वालों की पहचान चेक करें, जिसमें आधार कार्ड चेक करने और माथे पर तिलक लगाने जैसे निर्देश शामिल हैं.
Mumbai, Maharashtra: Shiv Sena (UBT) MP Sanjay Raut says, "Who says that Muslims cannot play Garba? People from the Vishwa Hindu Parishad, who have recently started presenting themselves as religious authorities, are making such statements. This is a tradition of the country.… pic.twitter.com/M7r9y2qPil
— IANS (@ians_india) September 6, 2026
विपक्ष ने VHP की आलोचना की
विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने VHP के इस रुख की कड़ी आलोचना की है. राज्यसभा सदस्य और शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा, "मुस्लिम लोग गरबा नहीं खेल सकते हैं. ये विशव हिंदू परिषद के जो लोग हैं, जो हिंदुओं के नए-नए मौलवी बने हैं, वो बोल रहे हैं कि मुस्लिम लोग गरबा नहीं खेल सकते. ये देश की परंपरा है. भारत की आज़ादी की लड़ाई और सांस्कृतिक इतिहास में मुसलमानों का भी अहम योगदान रहा है."
शिवसेना (यूबीटी) ने क्या कहा?
राज्यसभा सांसद ने विदेशों में RSS प्रमुख मोहन भागवत के उन भाषणों का ज़िक्र किया, जिनमें उन्होंने विदेश की धरती से हिंदुओं और मुसलमानों के बीच एकता की बात कही थी. राउत ने कहा,"RSS प्रमुख मोहन भागवत खुद विदेश जाते हैं और ये भाषण देते हैं कि हमारे हिंदुस्तान में मुसलमान और हिंदुओं में कोई भेदभाव नहीं होने चाहिए, चाहे वह राजनीतिक, सांस्कृतिक या धार्मिक हो. हमें साथ मिलकर रहना और काम करना चाहिए. यहां उनके बच्चे यहां ऐसी हरकत कर रहे हैं, इसपर भागवत को अपना बयान देना चाहिए, भारत में कुछ और विदेश में कुछ बोलना नहीं चलेगा."
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: On the guidelines issued by the VHP regarding the upcoming Navratri events in Maharashtra, Shiv Sena UBT leader Aaditya Thackeray says, "Who are these people to issue us a certificate of Hindutva? The point is, whether it is Dahi Handi, Navratri, or… pic.twitter.com/TNEIdJUngP
— ANI (@ANI) September 6, 2026
वहीं, इसपर शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा, "हमें हिंदुत्व का सर्टिफिकेट देने वाले ये लोग कौन हैं? चाहे दही-हांडी हो, नवरात्रि हो या गणपति का भव्य उत्सव हो, यहां के लोगों की पहली पहचान ये है कि वो मुंबईकर हैं. भाषा या जाति से परे, सभी बप्पा के लिए आते हैं और बप्पा सभी के हैं."
STORY | VHP's Garba 'diktat' unconstitutional, says NCP (SP); questions govt silence
— Press Trust of India (@PTI_News) September 6, 2026
The NCP (SP) on Sunday slammed the Vishva Hindu Parishad’s (VHP) call to bar Muslims from participating in Garba events during Navratri, terming it "unconstitutional", and questioned the BJP-led… pic.twitter.com/lwolURFK6S
कांग्रेस और शदर गुट ने भी की आलोचना
कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने VHP के रुख को गैर-संवैधानिक करार दिया. उन्होंने तर्क दिया कि त्योहार समाज के अलग-अलग वर्गों को जोड़ने का एक ज़रिया है. NCP (SP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने भी VHP के गरबा 'फरमान' को असंवैधानिक बताया और BJP के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं.
बीजेपी ने कहा- ये कोई मनोरंजन नहीं
वहीं, महाराष्ट्र में मुसलमानों के गरबा में शामिल होने को लेकर VHP के 'फरमान' बीजेपी नेता राम कदम ने कहा कि सबसे पहले समझिए कि नवरात्री क्या है? ये देवी मां की अराधना है, पूजन है न कि कोई मनोरंजन. कार्यक्रमों में देवी की मौजूदगी में वहां रास होता है. ये पूरी तरह से धार्मिक परंपरा है. यदि किसी व्यक्ति में श्रद्धा या आस्था नहीं है, तो वहां उनकी मौजूदगी का क्या मतलब है? इसलिए, हर किसी को अपने-अपने धर्म का सम्मान करना चाहिए.
VIDEO | Mumbai: Reacting to VHP's 'garba' diktat about participation of Muslims in Maharashtra, BJP leader Ram Kadam (@ramkadam ) says, "If an individual lacks reverence or faith, what purpose would their presence serve there? Therefore, everyone ought to respect their respective… pic.twitter.com/rBpf9dfHZ8
— Press Trust of India (@PTI_News) September 7, 2026
'बिना आस्था वाले लोग करते हैं गलत हरकत'
उन्होंने आगे कहा, "पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं जहां बिना आस्था वाले लोग आए और छेड़कानी करते हैं. इसे रोकना ज़रूरी है, इसीलिए इस नियम को व्यापक संदर्भ में देखा जाना चाहिए. सनातन हिंदू धर्म के रीति-रिवाजों, परंपराओं और संस्कृति को समझने के बाद ही इस नियम पर बात करनी चाहिए. किसी पर रोक नहीं है. सच्ची श्रद्धा के साथ आने वाले किसी भी व्यक्ति का निश्चित रूप से स्वागत है. अब अगर कोई आस्था की आड़ में शरारत करना चाहता है या कोई गलत इरादा रखता है तो ऐसे व्यक्ति का स्वागत कैसे किया जा सकता है?"
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