महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार  का विमान हादसे में दुर्भाग्यपूर्ण निधन हो गया. जिला परिषद चुनावों के प्रचार के सिलसिले में वे मुंबई से बारामती जा रहे थे. बताया जा रहा है कि लैंडिंग के दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें आग लग गई. इस हादसे में अजित पवार की मौके पर ही मौत हो गई. अजित पवार के निधन की खबर सामने आते ही विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया. शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है. 

Continues below advertisement

उद्धव ठाकरे ने अजित पवार के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा, “मैंने एक मजबूत नेता और एक कुशल सहयोगी को खो दिया है.” उद्धव ठाकरे ने याद किया कि जब वे मुख्यमंत्री थे, तब अजित पवार उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के रूप में उनके साथ काम कर चुके थे. वे अनुशासनप्रिय, अपने विभाग पर मजबूत पकड़ रखने वाले और अर्थशास्त्र की गहरी समझ रखने वाले नेता थे. वे साफ दिल के थे, जो मन में होता वही बोलते थे और राजनीति में मतभेद होने के बावजूद रिश्तों को निभाना जानते थे.

‘दादा’ के नाम से थे मशहूर

महाराष्ट्र में अजित पवार को लोग प्यार से ‘दादा’ कहते थे. वे कार्यकर्ताओं का ध्यान रखने वाले और जमीन से जुड़े नेता माने जाते थे. उनके असमय निधन से राज्य के नेतृत्व में एक बड़ा खालीपन आ गया है. उद्धव ठाकरे ने कहा कि अजित पवार हर मायने में ‘दादा’ थे और उनके जाने की कल्पना भी कठिन है.

Continues below advertisement

आदित्य ठाकरे ने भी जताया शोक

आदित्य ठाकरे ने भी अजित पवार को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि पिछले 5-6 वर्षों में उन्हें अजित पवार के साथ सरकार में और विपक्ष में काम करने का मौका मिला. विधानसभा के कामकाज पर उनकी पकड़ और उनका स्नेहिल स्वभाव हमेशा याद रहेगा. यह खबर वाकई दिल को झकझोर देने वाली है.

अजित पवार का जाना सिर्फ एक नेता का जाना नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में एक युग का अंत माना जा रहा है. उनके समर्थक, कार्यकर्ता और आम लोग गहरे सदमे में हैं. पूरे राज्य में उन्हें नम आंखों से याद किया जा रहा है.