परिवहन मंत्री तथा महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने मराठी भाषा के संरक्षण और उसके उपयोग को बढ़ाने को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की है. उन्होंने इसके लिए गैर-मराठी चालकों से अपील की है कि वो मराठी भाषा सीखने का प्रयास करें, जिससे स्थानीय लोगों के साथ संवाद बेहतर हो सके. 

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उन्होंने इस संबंध में सभी मराठी अखबारों और मीडिया संपादकों को एक खुला पत्र लिखाकर सहयोग की अपील की है. इसमें उन्होंने कहा कि मराठी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की संस्कृति, अस्मिता और सामाजिक एकता की पहचान है. इस भाषा का सम्मान और संरक्षण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. 

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पत्र में सरनाईक ने क्या लिखा है?

अपने पत्र में सरनाईक ने कहा है कि महाराष्ट्र में कार्यरत प्रत्येक व्यावसायिक यात्री वाहन चालक को व्यवहारिक मराठी का ज्ञान होना समय की आवश्यकता है. यदि यात्रियों के साथ संवाद में मराठी का उपयोग बढ़ता है, तो इससे न केवल भाषा का संरक्षण होगा, बल्कि समाज में आपसी संवाद अधिक सौहार्दपूर्ण, आत्मीय और प्रभावी बनेगा.

मराठी भाषा के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि भाषा केवल शब्दों का आदान-प्रदान नहीं है, बल्कि संस्कृति की वाहक भी होती है. किसी समाज की परंपराएं, मूल्य और भावनाएं भाषा के माध्यम से ही संरक्षित रहती हैं इसलिए मराठी में संवाद होना और उसका दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनना आवश्यक है.

गैर-मराठी चालकों से अपील

उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि मुंबई महानगर क्षेत्र सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में गैर-मराठी चालक यात्री परिवहन क्षेत्र में कार्यरत हैं. वो प्रायः हिंदी या अन्य भाषाओं में संवाद करते हैं, लेकिन यदि यही चालक मराठी सीखकर यात्रियों से मराठी में संवाद करने लगें, तो यह मराठी भाषा के सम्मान और सामाजिक समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा.

सरनाईक ने कहा, “अपने राज्य में एक यात्री या नागरिक के रूप में मराठी भाषा के उपयोग पर आग्रह करना स्वाभाविक है. अब समय आ गया है कि मराठी पर गर्व और उसके उपयोग की आदत हर व्यक्ति में विकसित की जाए.”

मीडिया से सहयोग का आग्रह

मीडिया की भूमिका का विशेष उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि समाज की सोच को आकार देने में मीडिया का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है. यदि इस पहल को समाचार पत्रों, समाचार चैनलों और डिजिटल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार मिले, तो मराठी सीखने का यह अभियान अधिक व्यापक और प्रभावी बन सकता है.

मंत्री ने कहा कि मीडिया के सहयोग से मराठी संवाद संस्कृति को नई ताकत मिलेगी और जनजागरण का यह संदेश राज्य के हर कोने तक पहुंचेगा. मराठी भाषा, मराठी संस्कृति और महाराष्ट्र की अस्मिता के सम्मान के लिए सभी लोगों से एकजुट होकर इस अभियान को सफल बनाने की अपील परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने अपने पत्र के माध्यम से की है.