सूरत मेडिकल कॉलेज में रैगिंग! छात्र डॉ. हर्ष पंड्या की आत्महत्या मामले में 4 सीनियर डॉक्टर सस्पेंड
Surat News In Hindi: सूरत सरकारी मेडिकल कॉलेज में छात्र डॉ. हर्ष पंड्या आत्महत्या मामले में रैगिंग की पुष्टि हुई है. उसके बाद 4 सीनियर डॉक्टर सस्पेंड किया गया है, 4 प्रोफेसरों को नोटिस जारी हुआ है.

गुजरात के सूरत स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमडी पैथोलॉजी के फर्स्ट ईयर के छात्र डॉ. हर्ष पंड्या की आत्महत्या मामले में रैगिंग का एंगल सामने आया है. शुरुआती जांच में रैगिंग की पुष्टि होने के बाद कॉलेज प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार सीनियर डॉक्टरों को छह महीने के लिए निलंबित कर दिया है.
इसके अलावा माइक्रोबायोलॉजी विभाग की एचओडी समेत चार प्रोफेसरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने 24 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे.
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एंटी रैगिंग कमेटी की रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई
मूल रूप से मोडासा के रहने वाले डॉ. हर्ष पंड्या की आत्महत्या के बाद कॉलेज प्रशासन ने एंटी रैगिंग कमेटी के माध्यम से जांच शुरू की थी. जांच के दौरान सीनियर डॉक्टरों, फैकल्टी सदस्यों और टेक्नीशियनों के बयान दर्ज किए गए. स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश के बाद रात में एंटी रैगिंग स्क्वॉड की बैठक बुलाई गई. कई घंटों तक चली बैठक के बाद तैयार रिपोर्ट एंटी रैगिंग कमेटी को सौंपी गई, जिसके आधार पर चार सीनियर डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की गई.
चार सीनियर डॉक्टरों पर छह महीने की कार्रवाई
कॉलेज काउंसिल ने एमडी पैथोलॉजी के चार सीनियर डॉक्टरों डॉ. निराली वसावे, डॉ. अनुज माहेश्वरी, डॉ. हिना भूत और डॉ. दीक्षिता सेसारियन को छह महीने के लिए शिक्षण कार्य, इलाज प्रक्रिया और हॉस्टल से निलंबित कर दिया है. कॉलेज प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह कदम उठाया गया है. प्रशासन ने साफ किया है कि मेडिकल संस्थानों में रैगिंग जैसी घटनाओं को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
माइक्रोबायोलॉजी विभाग की एचओडी समेत चार प्रोफेसरों को नोटिस
इस मामले में माइक्रोबायोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. सुमैया मुल्ला समेत डॉ. संगीता राजदे, डॉ. योगिता मिस्त्री और डॉ. लतिका पुरोहित को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. कॉलेज काउंसिल ने सुबह करीब पांच बजे एंटी रैगिंग कमेटी की रिपोर्ट को मंजूरी दी. अब संबंधित लोगों से जवाब मांगा गया है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
सूरत मेडिकल कॉलेज में पहले भी सामने आ चुके हैं मामले
गौरतलब है कि पिछले तीन-चार वर्षों में सूरत की सरकारी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों की आत्महत्या और संदिग्ध मौत के करीब पांच मामले सामने आ चुके हैं. वहीं, इससे पहले भावनगर मेडिकल कॉलेज में भी रैगिंग का मामला सामने आया था, जिसके बाद संबंधित विभाग प्रमुख के खिलाफ कार्रवाई की गई थी. लगातार सामने आ रही घटनाओं ने मेडिकल कॉलेजों में छात्रों की सुरक्षा और मानसिक दबाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. डॉ. हर्ष पंड्या की मौत के बाद अब कॉलेज प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई शुरू कर दी है.
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