अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र एनसीपी के अध्यक्ष सुनील तटकरे ने एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत की. उन्होंने कहा कि अगर किसी को वो ‘विलेन’ लगते हैं तो भी उन्होंने जो कुछ किया, वह पार्टी हित में किया है. तटकरे ने कहा कि उन्होंने अपना कर्तव्य पूरी जिम्मेदारी से निभाया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि विलय (मर्जर) को लेकर किसने प्रस्ताव रखा, यह सवाल पहले स्पष्ट होना चाहिए. उन्होंने साफ किया कि हमारे पास किसी प्रकार का कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं आया है. यदि किसी को विलय करना है तो पहले प्रस्ताव भेजें, फिर हम उस पर विचार करेंगे.
तटकरे ने सवाल उठाया किया कि जब एनडीए में आने की बात कही गई थी, तब कुछ लोग चुप क्यों हो गए? उन्होंने संकेत दिया कि इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए.
रोहित पवार का किया समर्थन
अजित पवार के निधन को लेकर उनके भतीजे और शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने कई सवाल उठाए. इस पर तटकरे ने कहा कि रोहित पवार जो बातें कर रहे हैं, वे मुद्दे पहले भी उठाए जा चुके हैं. उन्होंने कहा, "रोहित पवार जो प्रश्न उठा रहे हैं, उनका जवाब मिलना ही चाहिए."
एनसीपी से कौन जाएगा राज्यसभा?
तटकरे ने यह भी स्पष्ट किया कि जब पार्थ पवार और जय पवार जैसे युवा नेतृत्व पार्टी में मौजूद हैं, तब अन्य नामों की चर्चा का कोई प्रश्न नहीं उठता. उन्होंने कहा कि राज्यसभा की सीट पवार परिवार में ही रहेगी, यह बात स्पष्ट है.
गौरतलब है कि 28 जनवरी को महाराष्ट्र के तत्कालीन डिप्टी सीएम अजित पवार मुंबई से बारामती जा रहे थे. इसी दौरान उनका प्लेन क्रैश कर गया. इस प्लेन में अजित पवार सहित पांच लोग सवार थे. सभी की मौत हो गई. इस हादसे ने पूरे देश को सन्न करके रख दिया. अजित पवार के निधन के बाद ही एनसीपी के विलय की चर्चा ने जोर पकड़ लिया. दोनों गुटों के तरफ से बयानबाजी हुई.
