सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर भड़के आदित्य ठाकरे, कहा- 'लोकतंत्र तोड़ा जा रहा है'
Sonam Wangchuk Hunger Strike: अभिजीत दीपके की इस पोस्ट को शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने री-पोस्ट किया है. उन्होंने इस कार्रवाई को शर्मनाक बताते हुए इसे लोकतंत्र के खिलाफ कहा.

दिल्ली पुलिस ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली के जंतर-मंतर से हटाकर पास के अस्पताल में भर्ती करवा दिया है. इस दौरान दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को भी हिरासत में ले लिया, जिसकी जानकारी दीपके ने खुद ट्वीट कर दी थी.
अब इसपर सियासी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. दीपके की इस पोस्ट को शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने री-पोस्ट किया है. आदित्य ठाकरे ने इस कार्रवाई को शर्मनाक बताया है. उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतंत्र के खिलाफ बताया है.
What a shame!
— Aaditya Thackeray (@AUThackeray) July 18, 2026
The world watches democracy in India being broken by force, shamelessly.
Even peaceful protests for students against an incompetent minister are not tolerated anymore. https://t.co/jL4WSuhsLK
आदित्य ठाकरे ने क्या कहा?
आदित्य ठाकरे ने ट्वीट कर लिखा, 'कितनी शर्म की बात है! दुनिया देख रही है कि भारत में लोकतंत्र को किस तरह बेशर्मी से बलपूर्वक तोड़ा जा रहा है." आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि अब देश में एक अयोग्य मंत्री के खिलाफ छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन भी बर्दाश्त नहीं किए जा रहे. छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर भी एक्शन लिया जा रहा है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पिछले 20 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने शनिवार (18 जुलाई) सुबह जंतर-मंतर से हटा दिया गया और उन्हें पास के ही एक अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया. इस दौरान पुलिस को बल भी प्रयोग करना पड़ा.
इस एक्शन के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पोस्ट पर पोस्ट कर दिल्ली पुलिस पर पिटाई करने और हिरासत में लेने का आरोप लगाया है. CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने भी दावा किया कि सोनम वांगचुक को विरोध स्थल हटा जा रहा है और दीपके को भी वहां ठहरने नहीं दिया गया. उन्होंने ये तक दावा किया कि छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया है.
As per orders of Hon’ble High Court and on expert medical advise due to the deteriorating health condition of Sh. Sonam Wangchuk, he has been shifted to the hospital for essential medical care.
— DCP New Delhi (@DCPNewDelhi) July 18, 2026
While complying with the orders of Hon’ble High Court the protestors tried to create…
इन दावों के बाद दिल्ली पुलिस का एक्शन सवालों के घेरे में आ गया, जिसपर दिल्ली पुलिस ने सफाई दी. दिल्ली के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) सचिन शर्मा ने जानकारी दी कि हाई कोर्ट के निर्देशानुसार मेडिकल सुपरविजन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है. हाईकोर्ट के आदेश का पालन करने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने इसमें बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई थी, लेकिन स्थिति को संभाल लिया गया.
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मानसून सत्र से पहले संसद मार्च दबाने की कोशिश?
दिल्ली पुलिस के एक्शन पर इसलिए भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि यह कार्रवाई सोमवार को मानसून सत्र के पहले दिन संसद तक प्रस्तावित मार्च से 48 घंटे पहले की गई है. CJP 20 जुलाई को संसद मार्च करने वाला है. इसमें शामिल होने के लिए वांगचुक ने लोगों से एक वीडियो शेयर कर अपील भी की थी. उन्होंने कहा था कि CJP के संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल हो क्योंकि जनभागीदारी ही इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है. इस अपील के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या मानसून सत्र से पहले संसद मार्च के आंदोलन को सरकार दबाने के प्रयास कर रही है?
पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं सोनम वांगचुक
बता दें कि सोनम वांगचुक 28 जून से NEET पेपर लीक के मामले को लेकर भूख हड़ताल पर हैं. उनके साथ कॉकरोच जनता पार्टी के सदस्य भी धरने पर हैं. ये लोग NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. इसके साथ ही कथित परीक्षा घोटालों की न्यायिक जांच और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं. पिछले 20 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक का वजन 9 किलोग्राम से अधिक कम हो गया है. डॉक्टरों का कहना है कि अगर ये जारी रहा तो इसका असर उनके अंगो पर भी पड़ सकता है.
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