'आज नहीं तो कभी नहीं', शिवसेना UBT ने भरी हुंकार, BMC चुनाव को बताया अस्तित्व की लड़ाई
Maharashtra News: शिवसेना UBT ने महायुति गठबंधन पर नगरपालिकाओं के चुनाव में धनबल और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया. इसे मराठी मानुष के अस्तित्व और मराठी अस्मिता की निर्णायक लड़ाई बताया गया.

शिवसेना UBT के मुखपत्र सामना में छपे तीखे संपादकीय ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है. संपादकीय में महायुति गठबंधन पर सीधा हमला करते हुए कहा गया है कि नगरपालिकाओं के चुनाव में वोटों को प्रभावित करने के लिए खुलेआम मनी पावर का इस्तेमाल किया गया. इसे मराठी मानुष के अस्तित्व की लड़ाई बताया गया है.
बीजेपी के बड़े नेता नहीं आए मुंबई
सामना में सवाल उठाया गया है कि यह शायद पहला ऐसा चुनाव है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुंबई में कदम नहीं रखा.
शिवसेना UBT का दावा है कि दिल्ली की सत्ता को अंदाजा हो गया था कि मुंबईकरों के मन में क्या चल रहा है और हार की आशंका के चलते इन नेताओं ने दूरी बनाए रखी.
मराठी अस्मिता बनाम सत्ता की राजनीति
सामना के मुताबिक मुंबई-ठाणे की लड़ाई केवल स्थानीय निकायों की नहीं, बल्कि मराठी लोगों के अस्तित्व और उनके हक की है. सामना ने लिखा कि मुंबई संकट में है, इसलिए मराठी मानूस भी संकट में है. इसे मराठी एकता की निर्णायक घड़ी बताया गया है. संपादकीय में शाहिर अमरशेख की पंक्तियों का जिक्र करते हुए कहा गया कि गद्दारों के तूफान का झटका मुंबई झेल रही है.
नगरपालिका चुनावों में ‘धनबल का खेल’
शिवसेना UBT ने आरोप लगाया कि 29 नगरपालिकाओं के चुनाव प्रचार में पैसों और सत्ता का खुला दुरुपयोग हुआ. करीब 70 सीटों पर निर्विरोध चुनाव को ‘घोटाला’ बताया गया है. दावा किया गया कि प्रचार खत्म होने के बाद भी रातों-रात पैसे, चांदी के बर्तन और दूसरी चीजें बांटी गईं. कुछ जगहों पर रंगे हाथ पकड़े जाने की बात भी कही गई है.
शिवसेना UBT ने भारतीय निर्वाचन आयोग की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं. आरोप है कि प्रचार अवधि खत्म होने के बाद भी घर-घर जाकर प्रचार की अनुमति दी गई, जो नियमों का खुला उल्लंघन है. सामना का कहना है कि इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं.
शिवसेना UBT ने मराठी जनता से अपील की है कि यह चुनाव भाजपा और शिंदे गुट को उनकी औकात दिखाने का मौका है. शिवसेना ने अपील की है कि आज का मतदान मुंबई, महाराष्ट्र और मराठी भाषा-संस्कृति के लिए आर-पार की लड़ाई है.
लोगों से कहा गया है कि वे अपने वोट को हथियार समझकर इस्तेमाल करें और महाराष्ट्र विरोधी राजनीति को करारा जवाब दें. उन्होंने कहा जनता से कहा कि 'आज नहीं तो कभी नहीं'.
शिवसेना UBT ने कहा कि मतदान लोकतंत्र का सबसे बड़ा हथियार है. मराठी मानूस को आज यह हथियार उठाकर अराजकता खत्म करनी होगी. दावा किया गया कि मराठी एकता की जीत तय है और संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के शहीद भी इस संघर्ष में जनता के साथ हैं.
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