महाराष्ट्र में 246 नगर पालिका परिषदों और 42 नगर पंचायतों में 2 दिसंबर को मतदान होगा. महायुति के बड़े नेता लगातार चुनावी मैदान में हैं, जबकि उद्धव ठाकरे अपने घर मातोश्री से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वोट मांग रहे हैं. क्या उद्धव को ग्रामीण इलाकों में दिलचस्पी नहीं या एकनाथ शिंदे की पकड़ के सामने जमीनी ताकत नहीं बची? 

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बीजेपी और शिवसेना (एकनाथ शिंदे) का कहना है कि महाविकास अघाड़ी (MVA) के हार का ग्राउंड तैयार है. शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि महाराष्ट्र के ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में स्थानीय निकायों के चुनाव हो रहे हैं. महायुती के तीनों नेता रोज महाराष्ट्र के तूफानी दौरे कर रहे हैं. एक-एक दिन में 5-5 चुनावी सभाएं संबोधित कर रहे हैं.

'उद्धव ठाकरे की भगवान भी मदद नहीं करेगा'- संजय निरुपम

संजय निरुपम ने आगे कहा, "शिवसेना यूबीटी प्रमुख का नकारापन देखिए, एसी हॉल में प्रेस कांफ्रेंस संबोधित करने में व्यस्त हैं. जब चुनाव हार जाएंगे, तब कहेंगे वोट चोरी हो गई, नहीं तो EVM घोटाला हो गया. निकम्मे लोगों की तो भगवान भी मदद नहीं करते."

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'ठाकरे को वोट चोरी के आरोप लगाने का अधिकार नहीं'- BJP

वहीं, बीजेपी नेता राम कदम का कहना है, "एमवीए के नेता जमीन पर नहीं उतरे. जहां गए वहां सिर्फ प्रचार की खानापूर्ति की. AC कमरे में बैठकर वोट मागने वालों को हारने पर वोट चोरी का झूठा आरोप लगाने का नैतिक अधिकार नहीं."