'ये नारी शक्ति नहीं, बीजेपी शक्ति बिल है', महिला आरक्षण बिल पर संजय राउत ने दिखाए कड़े तेवर
Women’s Reservation Bill: शिवसेना नेता संजय राउत ने इस बिल की आड़ में परिसीमन बिल लाए जाने पर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि ये बीजेपी अपने सियासी फायदे के लिए कर रही है.

संसद में महिला आरक्षण बिल के साथ परिसीमन बिल को लाए जाने विरोधी दलों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही हैं. शिवसेना (उद्धव ठाकरे) पार्टी नेता संजय राउत ने महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन बिल लाए जाने पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इसके पीछे जो खेल कर रही है हम उसका विरोध करेंगे.
संजय राउत ने कहा कि "कल विपक्षी दलों की महत्वपूर्ण बैठक नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हुई, वहां राहुल गांधी भी उपस्थित थे, वहां वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के द्वारा उद्धव ठाकरे भी शामिल हुए. हम सब लोग थे, हमारी पार्टी का महिला आरक्षण का कोई विरोध नहीं है."
उन्होंने कहा कि 2023 में पहले ही ये बिल मंजूर हो चुका है. उस वक्त भी हमने महिला आरक्षण बिल को सपोर्ट किया था. लेकिन, अब जिस तरह से इस बिल की आड़ में भारतीय जनता पार्टी अपना राजनीति फायदा और खेल कर रही है उसका हमारा विरोध है.
'नारी शक्ति बिल' को बताया 'भाजपा शक्ति बिल'
संजय राउत ने कहा कि आप लगभग 800 सीटें लोकसभा की बढ़ाएंगे. महाराष्ट्र विधानसभा की 400 सीटें होंगी, तो इसकी क्या जरूरत है? महिलाओं को अगर 33 फ़ीसद आरक्षण देना है तो अभी जो 543 संख्या है उस पर दीजिए. अभी का जो आंकड़ा है आप उस पर भी दे सकते हो, हम इसे मानेंगे. लेकिन, आपको अपने हिसाब से आंकड़ा बढ़ाना है. परिसीमन करना है. आपके हिसाब से राजनीति करनी है. तो फिर 'नारी शक्ति बिल' का नाम बदल दो और इसकी जगह 'भाजपा शक्ति बिल' लाइए. ये भाजपा शक्ति बिल है.
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शिवसेना नेता ने इस दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष ममता बनर्जी से भी अपील की कि उनके सभी सांसद लोकसभा में आकर सरकार के खिलाफ वोट करें और इस सरकार से बदला ले. संजय राउत ने कहा कि उद्धव ठाकरे को ममता बनर्जी से बात करने की जिम्मेदारी दी गई है. दोनों के बीच पहले से अच्छा कोअर्डिनेशन है.
बता दें कि आज संसद के विशेष सत्र में महिलाओं को 33 फीसद आरक्षण दिए जाने के लिए संशोधन विधेयक आना है. लेकिन, इसे लेकर अब विपक्ष आर-पार के मूड में दिखाई दे रहा है. विरोधी दल इसकी आड़ में सरकार पर मनमर्जी से परिसीमन कराने का आरोप लगा रहे हैं. विरोधी दलों के तेवर से साफ है ये सत्र काफी हंगामेदार रह सकता है.
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