ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद बड़ी बगावत झेल रही है. अलग हुए गुट ने 20 सांसदों के समर्थन का दावा किया. कल बागी सांसदों के एक धड़े से पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात भी की थी. इस पर शिवसेना यूबीटी की प्रतिक्रिया सामने आई है.

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'जहाज डूबने पर चूहे सबसे पहले भागते हैं'

शिवसेना यूबीटी के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा, "जब तक 15 साल टीएमसी की सरकार थी, यही सब सांसद और विधायक ममता बनर्जी की महिमामंडन करते थकते नहीं थे. अब जब उनकी सरकार क्या चली गई, उनकी पार्टी क्या हार गई, जहाज जब डूबने लगता है तो उसमें से सबसे पहले चूहे उतरकर भागने लगते हैं, उसी प्रकार टीएमसी में भगदड़ मची है."

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'कमजोर लोग भाग जाते हैं, मजबूत टिके रहते हैं'

इसके आगे उन्होंने कहा, "चाहे आप शिवसेना या एनसीपी को देख लें, जब-जब तकलीफ आती है तो कमजोर लोग भाग जाते हैं. जो मजबूत होते हैं वो टिके रहते हैं. बहुत सारी पार्टियों में बीजेपी तोड़फोड़ करती है लेकिन बहुत सारे हमारी तरह रुक जाते हैं. हमें लगता है कि टीएमसी का जो बंटवारा हो रहा है या फूट पड़ रही है, इसके पीछे कहीं न कहीं जाने अनजाने भारतीय जनता पार्टी जरूर है. भारतीय जनता पार्टी खुलकर सामने जरूर नहीं है लेकिन पीछे से हवा दिल्ली से ही आती है. तभी ये हवा तूफान में बदलती है. देश की जनता ये सब समझ रही है."

नया कानून बनना चाहिए- शिवसेना यूबीटी

आनंद दुबे ने ये भी कहा, "ये सिंबल पर लड़ते हैं और फिर कहते हैं कि ये हमारा सिंबल है. ये जो गंदी राजनीति देश में शुरू हुई है, इससे जनता को निजात पाने की जरूरत है. इस पर एक नया कानून बनना चाहिए."  

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