Rajya Sabha Election: कौन हैं ज्योति वाघमारे? जिन्हें शिवसेना ने बनाया राज्यसभा का उम्मीदवार
Who is Jyoti Waghmare: डॉ. ज्योति वाघमारे शिक्षा और अकादमिक क्षेत्र से जुड़ी रही हैं. वो मूल रूप से महाराष्ट्र के सोलापुर जिले की रहने वाली हैं. अप्रैल 2023 में शिवसेना में उनकी एंट्री हुई थी.

महाराष्ट्र की राजनीति में एकनाथ शिंदे की पार्टी शिवसेना राज्यसभा के लिए एक नया चेहरा सामने लेकर आई है. पार्टी ने अपनी फायरब्रांड प्रवक्ता डॉ ज्योति वाघमारे को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार घोषित किया है. डिप्टी सीएम शिंदे के नेतृत्व वाली पार्टी ने एक उच्च शिक्षित दलित महिला को मौका देकर सामाजिक प्रतिनिधित्व का संदेश देने की कोशिश की है. पार्टी के नेताओं का कहना है कि यह फैसला सामान्य कार्यकर्ताओं को अवसर देने और जाति-पाति की दीवारें तोड़ने की परंपरा को आगे बढ़ाने वाला है.
शिवसेना में डॉ. वाघमारे को 'लाड़ली बहन' और 'बाबासाहेब की लाडली बेटी' के रूप में पेश किया जा रहा है. उनके राज्यसभा पहुंचने से पश्चिम महाराष्ट्र, खासकर सोलापुर क्षेत्र में पार्टी को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
शैक्षणिक रूप से बेहद मजबूत बैकग्राउंड
डॉ. ज्योति वाघमारे शिक्षा और अकादमिक क्षेत्र से जुड़ी रही हैं. उन्होंने अंग्रेजी साहित्य में पीएचडी की है और करीब दस साल तक प्राध्यापिका के रूप में कार्य किया है. उन्होंने दसवीं में 84 प्रतिशत अंक हासिल किए. 12वीं में पुणे मंडल में पिछड़ा वर्ग श्रेणी में पहला स्थान प्राप्त किया. अर्धमागधी विषय में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान मिला. महिलाओं के मुद्दों पर किए गए शोध को राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार मिला था. वालचंद कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में भी कार्य करते हुए उनकी पहचान एक अध्ययनशील और मजबूत वक्ता के रूप में भी रही है.
ज्योति वाघमारे की 5 भाषाओं पर मजबूत पकड़
डॉ. वाघमारे को मराठी, हिंदी, अंग्रेज़ी, तेलुगु और कन्नड़ — इन पांच भाषाओं का अच्छा ज्ञान है. यही वजह है कि वे विभिन्न मंचों पर प्रभावी तरीके से अपने विचार रखती रही हैं.
आंबेडकरी आंदोलन से जुड़ा परिवार
ज्योति वाघमारे मूल रूप से महाराष्ट्र के सोलापुर जिले की रहने वाली हैं और उनका परिवार लंबे समय से आंबेडकरी आंदोलन से जुड़ा रहा है. उनके पिता नागनाथ वाघमारे दलित पैंथर के कार्यकर्ता थे. परिवार की आजीविका के लिए उन्होंने होटल में वेटर और दिहाड़ी मजदूर के रूप में भी काम किया. बाद में सामाजिक कार्यों के कारण सोलापुर के लोगों ने उन्हें नगर निगम चुनाव में पार्षद के रूप में चुना.
डॉ. वाघमारे ने भी सामाजिक कार्यों की शुरुआत मानवाधिकार अभियान, विद्रोही सांस्कृतिक आंदोलन और आंबेडकरी आंदोलन से की. शुरुआती दौर में उन्होंने कुछ समय तक न्यूज एंकर के रूप में भी काम किया.
शिवसेना की आक्रामक और अध्ययनशील प्रवक्ता
पिछले करीब 15 वर्षों से सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय डॉ. ज्योति वाघमारे ने अप्रैल 2023 में शिवसेना में प्रवेश किया और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व को स्वीकार किया. पार्टी ने उन्हें राज्य प्रवक्ता और धाराशिव जिले की संपर्क प्रमुख की जिम्मेदारी दी. पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने विभिन्न टीवी डिबेट और सार्वजनिक मंचों पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा है. शिवसेना के ऐतिहासिक शिवसेना दशहरा रैली में उनके भाषण भी काफी चर्चा हुई थी, जहां उन्होंने विरोधियों को तीखे और स्पष्ट जवाब देकर अपनी अलग पहचान बनाई.
पश्चिम महाराष्ट्र में शिवसेना को मिलेगी मजबूती!
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डॉ. ज्योति वाघमारे के राज्यसभा पहुंचने से सोलापुर समेत पश्चिम महाराष्ट्र में शिवसेना के संगठनात्मक विस्तार को गति मिल सकती है. एक उच्च शिक्षित महिला, दलित समाज से आने वाली नेता और आक्रामक प्रवक्ता के रूप में उनकी छवि पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है.
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Source: IOCL




























