नगर विकास विभाग की ओर से कल शाम राजपत्र अधिसूचना जारी होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है. इस अधिसूचना के बाद आज शिवसेना के नगरसेवकों की एंट्री और रिकॉर्ड प्रक्रिया को लेकर नई स्थिति बन गई है. सूत्रों के मुताबिक, आज शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के नगरसेवक कोकण भवन नहीं जाएंगे. माना जा रहा है कि पार्टी ने फिलहाल इस प्रक्रिया से दूरी बनाने का फैसला किया है.

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मूल दस्तावेज पार्टी के पास

जानकारी के अनुसार, एकनाथ शिंदे गुट ने अपने सभी नवनिर्वाचित नगरसेवकों के मूल दस्तावेज अपने पास ही रखे हैं. इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी आगे की रणनीति को लेकर पूरी तरह सतर्क है और कोई भी कदम जल्दबाजी में नहीं उठाना चाहती.

इसी बीच बांद्रा स्थित ताज लैंड्स एंड होटल में ठहरे सभी शिवसेना नगरसेवकों को चेकआउट करने के निर्देश दिए गए. चौथे दिन आखिरकार सभी 29 शिवसेना पार्षदों को होटल से छुट्टी मिल गई. ये सभी पार्षद 17 जनवरी से ताज लैंड्स एंड होटल में ठहरे हुए थे.

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बेलापुर दौरा फिलहाल रद्द

पार्टी नेताओं से मिली जानकारी के मुताबिक, गुट गठन यानी ग्रुप फॉर्मेशन के लिए नवी मुंबई के बेलापुर जाने का जो कार्यक्रम तय था, उसे फिलहाल रद्द कर दिया गया है. इससे साफ है कि पार्टी अंदरखाने अपनी रणनीति पर दोबारा मंथन कर रही है.

शिवसेना की बदली हुई भूमिका के चलते राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. पार्टी के भीतर लगातार बैठकें चल रही हैं और आगे की चाल पर गंभीरता से चर्चा हो रही है.

दिल्ली बैठक पर टिकी निगाहें

अब सभी की नजरें आज दिल्ली में होने वाली अहम बैठक पर टिकी हुई हैं. माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद शिवसेना की आगे की राजनीतिक दिशा और रणनीति साफ हो सकती है. फिलहाल पार्टी ने चुप्पी साध रखी है, लेकिन आने वाले घंटों में बड़ा फैसला सामने आने की संभावना जताई जा रही है.