महाराष्ट्र स्थित बारामती में पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री और एनसीपी (शरद पवार गुट) प्रमुख शरद पवार ने INDIA गठबंधन की बैठक को लेकर कहा कि देश में राष्ट्रीय दल एक साथ आने लगे हैं. उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी सत्ता में है, जबकि दूसरी ओर इस नेतृत्व से असहमत राजनीतिक दल एकजुट हो रहे हैं.
शरद पवार ने कहा कि गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच मतभेदों को दूर करने के लिए वरिष्ठ और सम्मानित नेताओं को साथ बैठाकर समाधान निकाला जाएगा. उन्होंने बताया कि एनसीपी की ओर से सुप्रिया सुले बैठक में शामिल हुई हैं और बैठक के बाद दिल्ली में आगे की रणनीति पर चर्चा होगी.
कांग्रेस को शरद पवार की सलाह
शरद पवार ने कहा कि अगले दो-तीन वर्षों तक कोई बड़ा चुनाव नहीं है, इसलिए सभी सहयोगियों को साथ रखना आवश्यक है. उन्होंने डीएमके के बैठक में शामिल नहीं होने पर चिंता जताते हुए कहा कि गठबंधन को अपने सभी साथियों को साथ लेकर चलना होगा और आज की बैठक में ऐसा फॉर्मूला रखा जाएगा जिसमें कोई भी पक्ष अत्यधिक कड़ा रुख न अपनाए.
इंडिया ब्लॉक की बैठक में क्या हुई चर्चा?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को 'इंडिया' गठबंधन के घटक दलों का आह्वान किया कि वे नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा खड़ी की गई कथित चुनौतियों से निपटने के लिए उस एकजुटता की भावना को और मजबूत करें, जो इस साल 17 अप्रैल को महिला आरक्षण एवं परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ दिखी थी. उन्होंने विपक्षी गठबंधन की बैठक में दिए अपने शुरुआती संबोधन में यह दावा भी किया कि सरकार संविधान पर हमला जारी रखे हुए है.
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, 'यह गठबंधन ठीक तीन साल पहले अस्तित्व में आया था. हमारे सामने मौजूद मुद्दे आप सभी अच्छी तरह जानते हैं. हमने 17 अप्रैल, 2026 को लोकसभा में अपनी एकजुटता और एकता को बहुत निर्णायक तरीके से दिखाया, जब हम सबने मजबूती से एकजुट होकर परिसीमन पर मोदी सरकार के दुर्भावनापूर्ण विधेयकों को परास्त किया.'
