शरद पवार की पार्टी एनसीपी (SP) के प्रवक्ता महेश तापसे ने बिहार में बीजेपी के मुख्यमंत्री बनाए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में बीजेपी सरकार के बनते ही लोगों में असंतोष बढ़ने लगा है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी एक ऐसी पार्टी है जो अपने सहयोगी को अजगर की तरह निगल लेती है. उन्होंने एकनाथ शिंदे का उदाहरण देकर बिहार में ताजा सियासी घटनाक्रम का जिक्र किया.
एनसीपी (SP) के प्रवक्ता महेश तापसे ने कहा, ''भारतीय जनता पार्टी बिहार की भूमि में पहली बार अपना मुख्यमंत्री दिया है. मैं ये कहूंगा कि बिहार की जनता, किसान, बहनें राजनीतिक रूप से बहुत जागरूक और सक्षम हैं. बहुत जल्द आप देखेंगे कि बीजेपी की सरकार की नापसंदी बिहार में शुरू हो चुकी है.''
'बिहार में नीतीश कुमार को दूसरा एकनाथ शिंदे बनाया गया'
उन्होंने आगे कहा, ''बीजेपी एक ऐसी पार्टी है जो अपने सहयोगी दल को अजगर की तरह निगल लेती है. आपने महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे जी को मुख्यमंत्री बनाया. साल भर तक उनके माध्यम से शिवसेना को तोड़ने का काम किया. उसी प्रकार दूसरा एकनाथ शिंदे बिहार में नीतीश कुमार को बनाया गया और उन्हें हटाया गया. मुझे लगता है कि बिहार की जनता इसका विरोध करेगी. इनका प्रशासन फेल होगा क्योंकि इस सरकार के पास सेक्युलर वैल्यू नहीं होने वाली है.''
बिहार में पहली बार बीजेपी से मुख्यमंत्री
बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के तुरंत बाद बुधवार (15 अप्रैल) को सम्राट चौधरी मुख्य सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) पहुंचे और जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद चौधरी ने पदभार संभाल लिया. इस दौरान उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए और वरीय अधिकारियों के साथ राज्य के विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों पर बैठक की. राज्य के इतिहास में यह पहली बार है जब बीजेपी के किसी नेता ने मुख्यमंत्री पद संभाला है.
सम्राट चौधरी ने राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है. राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने लोकभवन के राजेंद्र मंडपम में उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री बने हैं. नीतीश कुमार राज्यसभा के सदस्य बन गए हैं. सम्राट चौधरी के अलावा जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली.
