महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर सियासी दलों की ओर से तैयारियां की जा रही हैं. इस बीच शरद पवार की पार्टी एनसीपी (एसपी) के महाराष्ट्र इकाई के नवनियुक्त अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने रविवार (20 जुलाई) को कहा कि NCP (SP) एक मुश्किल दौर से गुजर रही है और स्थानीय निकायों के आगामी चुनाव पार्टी कार्यकर्ताओं के संकल्प की परीक्षा लेंगे.

शशिकांत शिंदे की यह टिप्पणी शरद पवार गुट और अजित पवार गुट के बीच संभावित विलय की बार-बार लग रही अटकलों की पृष्ठभूमि में आई है. पूर्व मंत्री और एमएलसी शिंदे ने हाल ही में जयंत पाटिल की जगह एनसीपी (एसपी) की राज्य इकाई के अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला था. 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार के कुछ महीने बाद यह बदलाव हुआ.

'सरकार की अन्यायपूर्ण नीतियों के खिलाफ आवाज उठाएंगे'

उन्होंने कहा, ''एनसीपी (एसपी) एक कठिन दौर से गुजर रही है. मैं पार्टी कार्यकर्ताओं का आत्मविश्वास बढ़ाने को प्राथमिकता दूंगा. पार्टी महायुति सरकार की अन्यायपूर्ण नीतियों के खिलाफ लोगों की आवाज उठाएगी.'' पार्टी में गुटबाजी को लेकर सचेत शिंदे ने कहा कि वह शरद पवार, NCP (SP) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले और जयंत पाटिल के साथ विचार-विमर्श करके काम करेंगे.

रोहित और जयंत पाटिल में मतभेद की खबरों पर क्या बोले?

शरद पवार के विधायक पोते रोहित पवार और जयंत पाटिल के बीच मतभेद की खबरों के बारे में पूछे जाने पर शशिकांत शिंदे ने कहा, ''पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच कई मुद्दों पर मतभेद हो सकते हैं.'' हाल ही में, एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा था कि अगर एनसीपी (एसपी) के साथ विलय की संभावना बनती है, तो एनसीपी को बीजेपी से परामर्श करना होगा. 

इस तरह की बातें भ्रम पैदा करती हैं- शशिकांत शिंदे

एनसीपी (एसपी) के राजनीतिक भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए शशिकांत शिंदे ने कहा, ''इस तरह की बातें पार्टी कार्यकर्ताओं और लोगों के मन में भ्रम पैदा करती हैं. हमारे नेता पहले ही साफ कर चुके हैं और हम इसे बार-बार नहीं दोहराएंगे.'' 

हम ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने की कोशिश करेंगे-शिंदे

शिंदे ने कहा कि एनसीपी (सपा) आगामी स्थानीय निकाय चुनाव जीतने की रणनीति तय करने के लिए अपनी स्थानीय इकाइयों को अधिकृत करेगी.उन्होंने आगे कहा, ''हम ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने की कोशिश करेंगे. अगर चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से हुए तो नतीजे उत्साहजनक होंगे.''

बता दें कि शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP ने विधानसभा चुनाव में 86 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे जिनमें से उसे केवल 10 सीटों पर जीत मिली थी. अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को चुनाव में 41 सीटें मिली थीं.