शरद पवार और एकनाथ शिंदे की मुलाकात ने सियासी पारा गरमा दिया है. इस बीच शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने कहा कि शरद पवार राजनीति से ऊपर हैं. पवार साहब जब आए तो एकनाथ शिंदे ने उनका सत्कार किया. वो उनका बड़प्पन है. पवार साहब को चलने में दिक्कत है. वहां जो सबसे नजदीकी दफ्तर था वो एकनाथ शिंदे का था इसलिए वहां पर बैठे थे. हम इसे राजनीति की परंपरा के नजरिए से सोच रहे हैं. उद्धव ठाकरे की पार्टी के नेता इसे पॉलिटिकल एंगल दे रहे हैं. 

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रोहित पवार ने बीजेपी पर साधा निशाना

क्या पार्टी के सांसद असंतुष्ट हैं, इस सवाल पर उन्होंने कहा, "विकास नहीं होने से असंतुष्ट होंगे ही. अयोध्या में जिस तरह से हुआ, हर एक मंदिर में ये चर्चा शुरू हो गई है. लोग बीजेपी और बीजेपी की विचारधारा जैसे पार्टी के खिलाफ जाने लगे हैं. इस स्थिति में हमारे सांसद और विधायक बीजेपी या बीजेपी के साथ वाले दूसरे पक्षों का सपोर्ट करेंगे, ऐसा तो हमको नहीं लगता." दरअसल, उनका ये बयान ऐसे समय में आया है जब शरद पवार के एनडीए में जाने की अटकलें भी लग रही हैं. 

सावरकर को भारत रत्न के मुद्दे पर क्या बोले?

वीर सावरकर को भारत रत्न देने के मुद्दे पर उन्होंने कहा, "जब आएगा (प्रस्ताव) तब हम बात करेंगे. लेकिन हम सरकार से एक विनती करेंगे. सावरकर जी ने जो भी पुस्तक लिखी हैं, उसमें क्या-क्या लिखा है, वो पूरा चर्चा में आना चाहिए. उनका गाय के बारे में क्या मत था, धर्म के बारे में क्या मत था, देश और महिलाओं के बार में क्या मत था, ये सारे विषयों पर सदन में चर्चा होनी चाहिए. जब चर्चा होगी तब लोगों को असलीयत का पता चलेगा. सावरकर जी की दो भूमिका है, एक सकारात्मक और एक नकारात्मक भी है. दोनों पहलू पर चर्चा होनी चाहिए."

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