दिशा सालियान केस: उद्धव गुट की पहली प्रतिक्रिया, 'HC का सीधा आदेश है कि...'
दिशा सालियान केस में सीबीआई की एफआईआर दर्ज होने के बाद शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने कहा कि ये हमारे खिलाफ ष्डयंत्र है.

दिशा सालियान केस में सीबीआई की एफआईआर पर शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत की प्रतिक्रिया सामने आई. उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट का सीधा आदेश है कि जब तक किसी के ऊपर सीधा आरोप सिद्ध नहीं होता तब तक वो आरोपी नहीं है और एफआईआर में उसका नाम नहीं आएगा. उन्होंने कहा कि ये एफआईआर अज्ञात लोगों के खिलाफ है.
'सबसे लोकप्रिय राजनीतिक घराने को बदनाम करने का षड्यंत्र'
इसके आगे उन्होंने कहा, "दो दिन पहले देश के गृह मंत्री महाराष्ट्र में आए. उनके साथ एक और नेता एक घंटे बैठे. एक साथ गाड़ी में गए. उसके बाद एफआईआर में नाम डाले गए हैं. ये एक राजनीतिक षड्यंत्र है. महाराष्ट्र के सबसे लोकप्रिय राजनीतिक घराने को बदनाम करना है. हम लड़ेंगे और हमारी लड़ाई जारी रहेगी. हम ये दिखाएंगे कि किस प्रकार का षड्यंत्र महाराष्ट्र और हमारे खिलाफ रचा जा रहा है."
'केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल हो रहा है'
क्या इसमें राजनीति हो रही है, इस सवाल के जवाब में संजय राउत ने कहा, "बिल्कुल राजनीति हो रही है. ये प्रेशर है और अनैतिक दबाव है. केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल हो रहा है."
'कौए के श्राप से गाय नहीं मरती...', राज ठाकरे की पोस्ट से सियासी घमासान
'सीबीआई जांच का इस्तेमाल आदित्य ठाकरे को...'
संजय राउत ने कहा, ‘‘जिस तरह से इस मामले को अदालत में ले जाया गया और अदालत ने मामले को सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया, वह एक साजिश है. अदालत ने स्पष्ट रूप से सीबीआई जांच कराने को कहा है, लेकिन किसी का नाम नहीं लेने का निर्देश दिया है. इसके बावजूद मीडिया में नाम लिए जा रहे हैं.’’ उन्होंने दावा किया कि सीबीआई जांच का इस्तेमाल आदित्य ठाकरे को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है, जो विभिन्न जन मुद्दों को लेकर देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार पर लगातार हमले कर रहे हैं.
इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे के आंदोलन से लोगों का ध्यान भटकाना या संसद में परिसीमन विधेयक के समर्थन के लिए शिवसेना (यूबीटी) पर दबाव बनाना भी हो सकता है.





















