'हम सांसद आतंकवादी हैं या...?', INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन को रोका तो भड़के संजय राउत
INDIA Bloc vs ECI: इंडिया गठबंधन के सांसदों ने SIR और 'वोट चोरी' के आरोपों पर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोक दिया. संजय राउत ने पुलिस के इस व्यवहार पर सवाल उठाए.

इंडिया गठबंधन के कई सांसदों ने मिलकर विशेष समरी रिवीजन (SIR) और 'वोट चोरी' के आरोपों पर चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. हालांकि, चुनाव आयोग की ओर जा रहे विपक्षी सांसदों को दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया. इसे देखते हुए उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत नाराज हो गए. उन्होंने सवाल किया कि विपक्ष के सम्मानीय सांसद आतंकवादी या गुंडे हैं क्या, जो दिल्ली पुलिस उनसे डर रही है?
संजय राउत ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा, "इंडिया ब्लॉक के 300 से ज्यादा सांसद हैं. क्या दिल्ली पुलिस सम्मानीय सांसदों से डरती है? क्या हम कोई आतंकवादी हैं या गुंडे हैं, जो हमें रोका जा रहा है? हम पार्लियामेंट का हिस्सा हैं. हम संसद से सीधे चल कर निर्वाचन आयोग के पास जाना चाहते हैं. हमारे पास कोई हथियार नहीं है. हम अहिंसावादी सम्मानीय लोग हैं."
VIDEO | Delhi: Shiv Sena (UBT) MP Sanjay Raut (@rautsanjay61) says, "Why are INDIA Bloc MPs being denied permission for march to EC office? Are MPs terrorists?."
— Press Trust of India (@PTI_News) August 11, 2025
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/iyP2hkI5S7
'दिल्ली पुलिस की यह हरकत लोकतंत्र के लिए चिंता है'- संजय राउत
शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, "लोकतंत्र ने यह अधिकार दिया है कि हम किसी भी स्वरूप में चुनाव आयोग के पास जाकर अपनी बात रख सकते हैं लेकिन अगर दिल्ली की पुलिस हमें रोक रही है तो यह लोकतंत्र के लिए चिंता की बात है."
'कानून व्यवस्था नहीं बिगाड़ रहे, तो पुलिस एक्शन क्यों'- संजय राउत
संजय राउत ने आगे कहा, "हम बार-बार निर्वाचन आयोग का घोटाला उजागर कर रहे हैं. चाहे वो वोटर लिस्ट हो, ईवीएम हो या कुछ और. अगर इससे किसी को तकलीफ होती है तो वह जानें. हमारे पास जो सवाल हैं, वो तो हम चुनाव आयोग से पूछेंगे. अगर सभी मिलकर जाना चाहते हैं तो हमें अनुमति मिलनी चाहिए. हम कोई कानून व्यवस्था बिगाड़ने का काम तो नहीं कर रहे. यह गलत है. ऐसा नहीं होना चाहिए, खासकर देश की राजधानी में."
Source: IOCL






















