Sanjay Nirupam Attacks On Rahul Gandhi: शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि 'जब नेता अपने पार्टी के नेताओं को घोड़ों की संज्ञा देने लगे और उन्हें घोड़ों की विभिन्न प्रजाति में वर्गीकृत करने लगे तो अनुमान लगा लीजिए, कांग्रेस में बचे-खुचे नेताओं का कितना सम्मान है?'
उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, "कभी मैं राहुल गांधी को चाहता था. अब आश्चर्य होता है. समझ में नहीं आता, उन्हें ये सब घटिया आइडिया देता कौन है? इस तरह की अहंकार उगलने वाली बातों से पार्टी पुनर्जीवित नहीं होगी, बल्कि और अधिक खंड-खंड हो जाएगी. ऐसा लगता है कि कांग्रेस गाजा बन गई है और राहुल गांधी इजरायल. यह कांग्रेस के सर्वनाश का लक्षण है."
सलमान खुर्शीद के बयान क्या बोले थे संजय निरुपम?
इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद के जम्मू-कश्मीर वाले बयान का संजय निरुपम ने स्वागत किया था. उन्होंने इसे साहसिक और दूरदर्शी कदम बताया, जिससे कश्मीर में शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है. संजय निरुपम ने कहा कि सलमान खुर्शीद के बयान में दो महत्वपूर्ण बिंदु हैं. पहला, आर्टिकल 370 का हटाया जाना, जो एक ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय था.
उन्होंने कहा कि यह जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देता था, लेकिन वर्षों से देशभर में इसे हटाने की मांग हो रही थी. उन्होंने आगे कहा कि 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर में जिस तरह से शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न हुए और बड़ी संख्या में लोगों ने मतदान में भाग लिया, यह इस बात का प्रमाण है कि धारा 370 हटाने का निर्णय न केवल सही था, बल्कि इसके दूरगामी सकारात्मक प्रभाव भी सामने आने लगे हैं.
निरुपम ने सलमान खुर्शीद की सोच को व्यावहारिक और राष्ट्रहित में बताते हुए कहा कि जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता खुद धारा 370 को हटाने के पक्ष में बयान देते हैं, तो इससे स्पष्ट होता है कि अब देश की जनता और अनुभवी नेता केवल विरोध की राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रहित की बात कर रहे हैं. खुर्शीद जैसे नेता अगर इस निर्णय को सही ठहरा रहे हैं, तो कांग्रेस को भी आत्ममंथन करना चाहिए.
कांग्रेस केवल मोदी विरोध की राजनीति में उलझी है- संजय निरुपम
कांग्रेस पार्टी पर जुबानी हमला करते हुए संजय निरुपम ने कहा कि आज की कांग्रेस केवल मोदी विरोध की राजनीति में उलझी हुई है. पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता जैसे सलमान खुर्शीद, पी चिदंबरम और आनंद शर्मा अब पार्टी की दिशा से असहमत नजर आ रहे हैं. यदि कांग्रेस ने अपनी नीति और दृष्टिकोण में बदलाव नहीं किया, तो आने वाले समय में उसका राजनीतिक अस्तित्व संकट में पड़ सकता है.
उन्होंने कहा कि आज के दौर में विपक्ष का मजबूत होना जरूरी है, लेकिन सिर्फ विरोध के लिए विरोध करना, बिना मुद्दों की राजनीति करना आत्मघाती है. देश की जनता अब सजग है और राष्ट्रहित के खिलाफ किसी भी रुख को बर्दाश्त नहीं करेगी.
