महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों ऑपरेशन टाइगर को लेकर चर्चा गर्म है. इन चर्चाओं के बीच शिवसेना नेता संजय निरुपम ने उद्धव ठाकरे गुट (UBT) पर तीखा हमला बोला और कहा कि उनकी पार्टी अब कमजोर पड़ रही है और पार्टी के नेताओं में असंतोष की भावना बढ़ती जा रही है. उन्होंने ऑपरेशन टाइगर जैसे आरोपों से इंकार कर दिया.
'ऑपरेशन टाइगर' की अटकलों पर टिप्पणी करते हुए संजय निरुपम ने कहा, "इस संदर्भ में दो बातें हैं. ऑपरेशन टाइगर की शब्दावली मीडिया ने बनाई है, हमारा इससे कोई लेना देना नहीं है. दूसरी बात यह है कि उबाठा नाम की पार्टी धीरे-धीरे खत्म हो रही है. उनके विधायक और सांसद को अब उबाठा की लीडरशिप पर भरोसा नहीं रहा."
संजय का दावा 2029 तक खत्म हो जाएगी उबाठा
संजय निरुपम ने आगे कहा, "2029 तक पार्टी खत्म हो जाएगी क्योंति रोज उद्धव के नेतृत्व में उबाठा छोड़कर लोग पार्टी से जा रहे हैं. जहां तक उनके सांसदों की बात है, हमारा उनसे कोई लेना-देना नहीं है. यह उनकी पार्टी का अंदरूनी मामला है... यह पार्टी धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी, और लोग चले जाएंगे."
शिवसेना नेता ने कहा, "पिछले दिनों उन्होंन मातोश्री में बैठक बुलाई थी. उद्धव ठाकरे जो हमेशा फेसबुक पर लाइव रहते हैं, पहली बार उनसे प्रेरणा लेकर उनके सांसद ऑनलाइन लाइव हो गए और वो बैठक में शामिल नहीं हुए. इनके सांसदों और विघायकों में जबरदस्त असन्तोष है. इसका क्या मतलब हुआ मुझे नहीं मालूम, लेकिन आने वाले दिनों में ये सभी धीरे-धीरे पार्टी छोड़ देंगे."
संजय ने बताया क्यों बढ़ा उबाठा में असंतोष
संजय ने उबाठा में बढ़ते अंसतोष के पीछे कई कारण बताए. उन्होंने कहा कि विधायकों और सांसदों के बीच असंतोष का कारण एक तो उबाठा के नेतृत्व में बहुत अहंकार है. दूसरा उबाठा का नेतृत्व अपने विधायकों, अपने सांसदों के लिए सुलभ नहीं है. तीसरी बात ये है कि उबाठा के नेतृत्व के जो दोनों नेता हैं, बाप और बेटे, ये दोनों लोग अपने घर से बाहर निकलते ही महाराष्ट्र के दौर में पर नहीं जाते."
मामला क्या है?
गौर हो कि उद्धव ठाकरे ने रविवार (14 जून) को मुंबई में अपने आवास मातोश्री में पार्टी के सांसदों की आपात बैठक बुलाई थी. इस बैठक में पार्टी के सभी 9 सांसदों को बुलाया गया था, लेकिन बैठक में 5 सांसद गायब दिखे. इससे उबाठा में एक बार फिर बगावत के सुर जोर पकड़ने लगे हैं.
खबरें हैं कि उद्धव ठाकरे के कुछ सांसद एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं और शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं. मातोश्री में हुई बैठक में शिवसेना (यूबीटी) के 4 सांसद ही पहुंचे थे. हलांकि, पार्टी का दावा है कि अन्य 5 सांसद वर्चुअली इस बैठक में शामिल हुए थे. वहीं पार्टी नेता अरविंद सावंत ने बताया कि कई सांसद इमरजेंसी के चलते इस बैठक में नहीं पहुंच सके थे.
