बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण द्वारा उनके दिवंगत पिता एवं पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख को लेकर की गई टिप्पणी पर भावुक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मंगलवार को कहा कि उनके पिता का नाम नहीं मिटाया जा सकता.

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अभिनेता ने एक वीडियो बयान में कहा, 'मैं हाथ जोड़कर कहना चाहता हूं जो लोग जनता के लिए जीते हैं, उनके नाम लोगों के दिल में गहरी छाप छोड़ जाते हैं. लिखे हुए को मिटाया जा सकता है, लेकिन गहरी छाप को नहीं.'

सोमवार को एक विवादित टिप्पणी में चव्हाण ने कहा था कि दिवंगत कांग्रेस के दिग्गज नेता विलासराव देशमुख की यादें उनके गृह नगर लातूर से 'मिटा दी जाएंगी'.

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पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए चव्हाण ने कहा था, 'आपका उत्साह देखकर मैं सौ फीसदी भरोसे से कह सकता हूं कि विलासराव देशमुख की यादें इस शहर (लातूर) से मिट जाएंगी.'

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इन टिप्पणियों की कांग्रेस ने कड़ी आलोचना की और BJP पर राज्य के विकास के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले नेता के योगदान को कमतर आंकने का आरोप लगाया.

पार्टी ने कहा कि इस तरह के बयान सत्ता के अहंकार और देशमुख की विरासत के प्रति अज्ञानता को दर्शाते हैं.

NCP अजित पवार ने भी किया चव्हाण के बयान का विरोध

उधर, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार) के नेता नवाब मलिक ने विलासराव देशमुख के खिलाफ टिप्पणी पर BJP की राज्य इकाई के अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण को जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि दिवंगत आत्माओं को लेकर नैतिकता होती है और इसका सभी को पालन करना चाहिए. नवाब मलिक ने कहा, विलासराव देशमुख लातूर से कई बार चुनाव लड़े, जीते और महाराष्ट्र के कई बार मुख्यमंत्री रहे. वे केंद्र में मंत्री भी रहे. कहीं न कहीं दिवंगत के बारे में एक नैतिकता होती है कि कोई भी बात न करे. हमें लगता है कि लोगों को उस मर्यादा का पालन करना चाहिए. अगर कोई उनके खिलाफ या उनके नाम को मिटाने की बात करता है, तो हमें लगता है कि ये उचित नहीं है.