महाराष्ट्र में एक बार फिर नाम की राजनीति तूल पकड़ रही है. इस बार मामला हिंदी-मराठी या उर्दू का नहीं बल्कि मुंबई शहर के पुराने नाम का है. दरअसल, भिवंडी में मुंबई-नासिक राष्ट्रीय महामार्ग पर ‘बॉम्बे ढाबा’ को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है. 

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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे की नजर जब 'बॉम्बे ढाबा' पर पड़ी तो उन्होंने इस ढाबे के नाम 'बॉम्बे' पर आपत्ति जताई.

राज ठाकरे के कहने पर मनसे कार्यकर्ताओं ने मचाई तोड़फोड़

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राज ठाकरे चुनाव प्रचार के दौरान कल्याण से भिवंडी की तरफ जा रहे थे. इसी दौरान उन्होंने देखा कि एक ढाबे पर अभी भी 'बॉम्बे ढाबा' का नाम लगा हुआ है. उनके आदेश पर मनसे कार्यकर्ताओं ने तुरंत वहां पहुंचकर ढाबे के नाम की लगी पट्टी फाड़ दी और ढाबा मालिक पर नाम बदलने के लिए दबाव डाला.

8 दिन में नाम बदल देगा ढाबा मालिक

मनसे कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह नाम महाराष्ट्र और मुंबई की पहचान के खिलाफ है. घटना के बाद ढाबा मालिक ने कहा है कि वह आठ दिनों के भीतर नाम बदल देगा. घटना महानगरपालिका चुनाव के प्रचार के दौरान हुई है, जिसमें मराठी पहचान और स्थानीय अस्मिता के मुद्दों को लेकर राजनीति गरमाई हुई है.

राज ठाकरे लगातार उठा रहे 'मराठी अस्मिता' का मुद्दा

महानगरपालिका चुनावों के बीच राज ठाकरे ने दावा किया है कि बीजेपी की वजह से मराठी अस्मिता को खतरा है. मनसे अध्यक्ष का कहना है कि अगर बीजेपी नगर निगमों पर नियंत्रण कर लेती है तो मराठी मानुस कुछ भी नहीं कर पाएगा. इसलिए मुंबई, ठाणे, मीरा-भयंदर, नासिक और पुणे-ठाणे आदि नगर निकायों को नियंत्रित करना जरूरी है.  

राज ठाकरे ने यह आरोप भी लगाया कि मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की कोशिशे की जा रही हैं. जैसे पहले गुजरात मुंबई को अपना हिस्सा बनाना चाहता था, आज ऐसे ही हालात बन रहे हैं. इसलिए हमें सीमाएं तय करनी जरूरी हैं.