2008 के रेलवे भर्ती आंदोलन मामले में MNS प्रमुख राज ठाकरे को बड़ी राहत मिली है. ठाणे सेशन कोर्ट ने आज (21 मई) इस मामले में फैसला सुनाते हुए उन्हें बरी कर दिया. करीब 18 साल बाद अदालत ने इस मामले पर अपना निर्णय दिया. सुनवाई के दौरान राज ठाकरे खुद अदालत में मौजूद थे.

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कोर्ट ने सबूतों के अभाव में राज ठाकरे को किया बरी

अदालत ने कहा कि सरकारी पक्ष आरोपी की भूमिका और कथित उकसावे को साबित करने के लिए ठोस सबूत पेश नहीं कर पाया. इसी आधार पर कोर्ट ने सबूतों के अभाव में राज ठाकरे को निर्दोष घोषित कर दिया.

राज ठाकरे पर आंदोलन के लिए उकसाने का था आरोप

फैसला सुनाए जाने के बाद राज ठाकरे अदालत से बाहर निकले और समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया. इस मामले में उन पर कथित तौर पर आंदोलन के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया था, लेकिन अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से मुक्त कर दिया.

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