मुंबई में राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) द्वारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गठबंधन किए जाने की जोरदार चर्चा चल रही थी. इससे महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई थी.

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कुछ दिनों पहले लचीली राजनीति के संकेत देने वाले मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बारे में चर्चा थी कि वे कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका के बाद अब मुंबई में भी सत्ताधारी दलों के साथ हाथ मिलाने वाले हैं.

बीजेपी से गठबंधन को लेकर राज ठाकरे ने साफ किया रुख

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सोमवार, 2 फरवरी की सुबह बीजेपी और एकनाथ शिंदे गुट के नगरसेवक गुट पंजीकरण के लिए कोकण भवन जाने से पहले मुंबई महानगरपालिका में एकत्र हुए थे. इसी दौरान खबर फैल गई कि मनसे बीजेपी को समर्थन देने वाली है.

उसी समय राज ठाकरे एमआईजी क्लब में मनसे के पराजित नगरसेवकों के साथ बैठक कर रहे थे. जैसे ही राज ठाकरे और बीजेपी के संभावित गठबंधन की खबर बाहर आई, राजनीतिक हलचल तेज हो गई. हालांकि, बैठक समाप्त होने के बाद बाहर निकलते ही राज ठाकरे ने इस खबर का साफ इनकार कर दिया. राज ठाकरे ने कहा,“हम मुंबई में बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे. मैं कह रहा हूं ना, नहीं मतलब नहीं.”

एमआईजी क्लब में मनसे की बैठक

आज सुबह बांद्रा स्थित एमआईजी क्लब में मनसे की निर्धारित बैठक थी. इसमें मुंबई के सभी पराजित उम्मीदवार, विभाग अध्यक्ष और उपाध्यक्ष उपस्थित थे. बैठक में मनसे नेता संदीप देशपांडे समेत पार्टी के प्रमुख नेता मौजूद थे.

कल्याण-डोंबिवली में समर्थन देने पर हुई थी आलोचना

कुछ दिन पहले मनसे ने कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में एकनाथ शिंदे की शिवसेना को समर्थन दिया था. इसके बाद राज ठाकरे और मनसे की काफी आलोचना हुई थी. चुनाव प्रचार के दौरान जिन पर कड़ी आलोचना की गई थी, चुनाव के बाद उन्हीं के साथ बैठने को लेकर मनसे पर कई लोगों ने निशाना साधा था.

इसी बीच राज ठाकरे ने अपने 'लचीले राजनीतिक रुख' पर बयान देते हुए कहा था, “मेरा यह लचीला राजनीतिक रुख व्यक्तिगत फायदे के लिए नहीं, बल्कि मनसे और मराठी लोगों के हित में होगा.” इसी पृष्ठभूमि में सोमवार सुबह खबर सामने आई कि मुंबई महानगरपालिका में मनसे बीजेपी को समर्थन देने वाली है.