महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने बुधवार (14 जनवरी) को राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि वह आधिकारिक चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद भी घर-घर जाकर प्रचार की अनुमति देकर जीत हासिल करने में सत्तारूढ़ महायुति की मदद कर रहा है.
राज ठाकरे ने पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि आयोग गुरुवार (15 जनवरी) को होने वाले चुनाव से ठीक पहले नियम बदल रहा है. इस दौरान उन्होंने बड़ा दावा किया है. उन्होंने दावा किया, “एसईसी सरकार को चुनाव जिताने में मदद कर रहा है, जो वह पहले ही हार चुकी है.” राज ठाकरे की ओर से चुनाव आयोग पर सवाल उठाया गया है.
राज ठाकरे ने उठाया सवाल
राज ठाकरे ने सवाल उठाया कि यह नई 'परंपरा' नगर निकाय चुनाव से ठीक पहले ही क्यों शुरू की गई. लोकसभा व विधानसभा चुनावों के दौरान यह नियम क्यों नहीं था. उन्होंने कहा, “यह छूट क्यों दी गई? नियम क्यों बदला गया? क्या एसईसी सरकार के इशारे पर काम करने के लिए है?”
एसईसी ने नगर निकाय चुनावों में उम्मीदवारों पर घर-घर प्रचार के दौरान माइक्रोफोन का इस्तेमाल करने और बड़े समूहों में घूमने पर रोक लगाई है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रचार समाप्त होने के बाद केवल सीमित व्यक्तिगत संपर्क की ही अनुमति दी गई है.
15 जनवरी को होने हैं चुनाव
राज्य में मुंबई समेत 29 नगर निगमों के चुनाव के लिए गुरुवार (15 जनवरी) को मतदान होगा. राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना मिलकर चुनाव लड़ रही हैं. दोनों ही दल चुनावों में जीत का दावा कर रहे हैं.
दूसरी तरफ बीजेपी, शिवसेना एकनाथ शिंदे और एनसीपी अजित पवार की पार्टी मैदान में है. फिलहाल चुनाव से पहले प्रचार थम गया है. प्रचार थमने के बाद डोर-टू-डोर जाकर वोट मांगने पर राज ठाकरे ने चुनाव आयोग को घेरा है.