महाराष्ट्र के पुणे के पिंपरी चिंचवड शहर में शुक्रवार (13 फरवरी) शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया. यहां एक निर्माण स्थल पर ईंट का ढांचा अचानक गिरने से पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया.

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यह घटना तालवडे इलाके में एक खुले प्लॉट पर हुई, जहां भूमिगत टैंक लगाने के लिए गड्ढे में ईंट का ढांचा तैयार किया जा रहा था. जानकारी के मुताबिक प्लॉट मालिक ने इस काम का ठेका एक निजी कंपनी को दिया था. ठेकेदार की ओर से मजदूरों को गड्ढे के अंदर ईंट की दीवार और ढांचा बनाने के काम में लगाया गया था.

शुक्रवार शाम करीब साढ़े चार बजे मजदूर गड्ढे के अंदर काम कर रहे थे. इसी दौरान पास में जेसीबी मशीन से खुदाई का काम भी चल रहा था. बताया जा रहा है कि जेसीबी की हलचल और कंपन की वजह से अचानक ईंटों का बना ढांचा कमजोर पड़ गया और देखते ही देखते पूरा ढांचा भरभराकर गिर पड़ा. ढांचा गिरते ही अंदर काम कर रहे मजदूर उसके नीचे दब गए.

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मलबे में दबे मजदूरों को निकालने की कोशिश

हादसे के बाद मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों और स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया. मलबा हटाकर मजदूरों को बाहर निकालने की कोशिश की गई. कुछ देर बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंच गई और राहत कार्य तेज किया गया. इस हादसे में चाकण निवासी सचिन शंकर राठौड़ (30) और उनकी पत्नी कोमल राठौड़ (25) की मौके पर ही मौत हो गई. दोनों निर्माण स्थल पर मजदूरी का काम करते थे. पति-पत्नी की अचानक मौत से उनके परिवार में मातम पसरा हुआ है.

वहीं मनोहर भिकू चव्हाण (38) समेत तीन अन्य मजदूर घायल हो गए. घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. डॉक्टरों के अनुसार कुछ मजदूरों को गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है.

ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज

देहू रोड पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक विक्रम बंसोडे ने बताया कि शुरुआती जांच में लापरवाही की बात सामने आ रही है. पुलिस ने इस मामले में ठेकेदार के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है.

पुलिस का कहना है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे. फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है.

इस घटना के बाद इलाके में निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर अक्सर लापरवाही बरती जाती है, जिसकी वजह से इस तरह के हादसे होते रहते हैं.