पुणे ज़िले में तीन लोगों की जान लेने वाले आदमीखो  तेंदुए को मंगलवार देर रात वन विभाग की शार्पशूटर टीम ने मार गिराया. तेंदुए को पहले बेहोश करने की कोशिश की गई थी, लेकिन जब वह असफल रही और तेंदुआ आक्रामक हो उठा, तब उसे गोली मारनी पड़ी. यह कार्रवाई शिरूर और आसपास के इलाकों में फैले गुस्से और विरोध प्रदर्शनों के बीच की गई.

Continues below advertisement

वन अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक महीने में शिरूर तहसील के मौजे पिंपरीखेड़ क्षेत्र में दो बच्चों और एक बुजुर्ग व्यक्ति की तेंदुए के हमले में मौत हो गई थी.

ग्रामीणों का आक्रोश और वन विभाग की प्रतिक्रिया

लगातार हो रहे हमलों से जुनर, शिरूर, अंबेगांव और खेड़ तालुकों में तनाव और नाराज़गी फैल गई थी. रविवार को 13 वर्षीय बालक की मौत के बाद ग्रामीणों ने आक्रोश में वन विभाग की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया. इसके बाद सोमवार को वन विभाग ने आदेश जारी किया कि उस “आदमीखोर” तेंदुए को पकड़ने या ज़रूरत पड़ने पर समाप्त करने की अनुमति दी जाए.

Continues below advertisement

शार्पशूटर की कार्रवाई और तेंदुए की मौत

एक अधिकारी के अनुसार, “मंगलवार रात तेंदुआ पिछली घटना स्थल से लगभग 400–500 मीटर दूर दिखाई दिया. उसे ट्रैंक्विलाइज़र गन से बेहोश करने की कोशिश की गई, लेकिन असर नहीं हुआ. इसके बाद वह हमला करने की मुद्रा में आ गया, जिससे आत्मरक्षा में रात करीब साढ़े दस बजे शार्पशूटरों ने फायर किया. तेंदुए की उम्र लगभग पांच से छह साल बताई जा रही है.”

तेंदुए का शव और दूसरा तेंदुआ सुरक्षित पकड़ा गया

तेंदुए का शव ग्रामीणों को दिखाने के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए माणिकढोह रेस्क्यू सेंटर भेजा गया. इसी दौरान, मंगलवार को ही एक और नर तेंदुआ पहले से लगाए गए पिंजरे में फंस गया, जिसे सुरक्षित पकड़ लिया गया.