पुणे: केतन हत्याकांड में नया मोड़, सिया-चेतन का तीसरा साथी गिरफ्तार
पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल के मर्डर केस में अब पुलिस के तीसरा आरोपी हाथ लगा है. पुलिस ने लोनावला से रितेश हांगे को गिरफ्तार किया है.

पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में नया मोड़ सामने आ गया है. लोनावाला पुलिस ने मामले में एक और गिरफ्तारी की है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि केतन अग्रवाल की गर्लफ्रेंड आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी के साथी को इस मामले में तीसरा आरोपी बनाया गया है. पुलिस द्वारा मामले में अब तीसरी गिरफ्तारी की गई है.
पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी का नाम रितेश हांगे बताया जा रहा है. सूत्रों ने बताया की रितेश को केतन की हत्या की पहले से जानकारी थी. सूत्रों ने यह भी बताया कि हत्या की प्लानिंग में भी आरोपी रितेश हांगे का रोल सामने आ रहा है. फिलहाल मामले में पुलिस की लगातार जांच जारी है.
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सिया-चेतन के दोस्त को पहले से थी जानकारी
लोहागढ़ किले पर केतन अग्रवाल की कथित हत्या के मामले में पुलिस ने रितेश हांगे को गिरफ्तार किया है. पुलिस को शक है कि रितेश को हत्या की कथित साजिश की पहले से जानकारी थी. अब पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसे क्या-क्या जानकारी थी और इस पूरी साजिश में उसकी कोई भूमिका थी या नहीं.
सूत्रों के मुताबिक, चेतन चौधरी और उसकी गर्लफ्रेंड सिया गोयल ने कथित तौर पर अपने एक क्लासमेट के साथ मिलकर केतन अग्रवाल की हत्या की योजना बनाई थी. आरोप है कि तीनों ने हत्या को अंजाम देने के तरीके को लेकर विस्तार से चर्चा की थी.
रितेश से सिया-चेतन ने कई बार लोहगढ़ जाने को कहा
बताया जा रहा है कि चेतन और सिया ने रितेश हांगे से कई बार उनके साथ लोहागढ़ फोर्ट चलने के लिए कहा था, लेकिन रितेश ने उनके साथ जाने से इनकार कर दिया था. इसके बावजूद पुलिस को शक है कि रितेश को कथित हत्या की योजना की पहले से जानकारी थी.
सूत्रों के अनुसार, केतन अग्रवाल की हत्या के बाद चेतन चौधरी ने कथित तौर पर रितेश से मुलाकात की थी. वहीं, सिया गोयल के भी रितेश के संपर्क में होने की जानकारी सामने आई है. पुलिस ने चेतन चौधरी के मोबाइल फोन से मिले सुरागों के आधार पर रितेश हांगे को ट्रेस किया और बाद में उसे गिरफ्तार किया.
बीड जिले का रहने वाला है आरोपी रितेश हांगे
रितेश मूल रूप से बीड जिले का रहने वाला बताया जा रहा है और फिलहाल एक निजी कंपनी में काम करता है. जांच में यह भी सामने आया है कि मई के आखिरी सप्ताह में रितेश और चेतन के बीच संपर्क था, जबकि केतन अग्रवाल की कथित हत्या 18 जून को हुई थी.
पुलिस अब कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल सबूतों के जरिए यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों के बीच उस दौरान किस तरह की बातचीत हुई थी और हत्या की साजिश के बारे में रितेश को कितनी जानकारी थी.
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