विपक्ष की ओर से 'वोट चोरी' के आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने रविवार (17 अगस्त) को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी सफाई पेश की. चुनाव आयोग के प्रेस कॉन्फ्रेंस पर उद्धव गुट की महिला नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.

एसआईआर पर उन्होंने कहा कि हर दिन नए लोगों के नाम हटाए और जोड़े जा रहे हैं, जनता में चुनाव आयोग के प्रति विश्वास की कमी है. शिवसेना (यूबीटी) की नेता ने ये भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सिर्फ बीजेपी का विश्वास जीतने के लिए काम कर रहा है.

शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने चुनाव आयोग पर तंज कसते हुए कहा, ''संविधान का हवाला वो इलेक्शन कमीशन दे रहा है जिसमें पार्टी का नाम और सिंबल हमारे पक्ष का था, उन्होंने उसे उन्हीं लोगों को दे दिया, जिसने पार्टी के साथ गद्दारी की. आज तक ढाई साल से ऊपर हो गए हैं, हम सुप्रीम कोर्ट में वो लड़ाई लड़ रहे हैं. अबतक उसका निर्णय नहीं हुआ है.'' एसआईआर पर उन्होंने कहा कि मनमानी तरीके से काम किया जा रहा है.

'चुनाव आयोग ने जो शब्द चुने वो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण'

अब उनका सच दुनिया के सामने पर्दाफाश हुआ है तो उनको तीखी मिर्च लगी है. हमने उनका प्रेस कॉन्फ्रेंस देखा, जिन शब्दों का उन्होंने चयन किया है वो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं उनसे स्पष्ट पूछना चाहूंगी आज जनता आपसे पूछ रही है कि 40 लाख मतदाता जोड़ दिए जाते हैं. महाराष्ट्र में लोकसभा से विधानसभा चुनाव में वोटर्स की संख्या में 4.4 फीसदी का इजाफा होता है. वहां की जनता ये सवाल पूछ रही थी और आपने उसे दरकिनार कर दिया, आपने उस पर चुनाव देना उचित नहीं समझा.''

'इलेक्टोरल रोल को छिपाने का काम किया जा रहा'

प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा, ''चुनाव आयोग से पूछा गया कि मल्टीपल एपिक आईडी हैं. एक ही घर में हजारों की संख्या में वोटर्स रजिस्टर्ड हैं. वो किस तरीके से लाजिमी है. उसको भी आपने दरकिनार करने का काम किया. वोटिंग को इंडिया में लोकतंत्र के फेस्टिवल की तरह माना जाता है, उन इलेक्टोरल रोल को आप छिपाने की कोशिश कर रहे हैं. आज मां-बेटियां बाहर जाती हैं तो वो निर्णय लेकर जाती हैं कि सरकार चुनेंगी और सरकार गिराएंगी और आप उनकी आड़ में सीसीटीवी फुटेज को छिपाने का काम कर रहे हैं.''

'जनता में चुनाव आयोग के प्रति विश्वास की कमी' 

आज जनता में चुनाव आयोग के प्रति विश्वास की कमी है. जनता आपसे ज़रूर पूछेगी कि आप उनका विश्वास क्यों नहीं जीत पा रहे हैं. आप सिर्फ़ बीजेपी का विश्वास जीतने के लिए काम कर रहे हैं. जनता के मन में बहुत सारे प्रश्न हैं. एसआईआर की टाइमिंग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. अगर देश में फ्री एंड फेयर इलेक्शन होने हैं तो आपही उसके लिए जिम्मेदार होंगे. दूसरों पर टिका टिप्पणी करने की बजाय आप जनता के सामने आकर कहें कि भूल सुधार होगा, करेक्शन होंगे और हम विपक्ष पर आरोप नहीं लगाएंगे.

चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा?

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, ''कानून के अनुरूप हर राजनीतिक दल का जन्म चुनाव आयोग में रजिस्ट्रेशन से होता है, तो चुनाव आयोग उन राजनीतिक दलों के बीच भेदभाव कैसे कर सकता है? चुनाव आयोग के लिए, कोई पक्ष या विपक्ष नहीं है, सभी समकक्ष हैं. चाहे किसी भी राजनीतिक दल का कोई भी हो, चुनाव आयोग अपने संवैधानिक कर्तव्य से पीछे नहीं हटेगा.

उन्होंने आगे ये भी कहा, ''पिछले दो दशकों से, लगभग सभी राजनीतिक दल मतदाता सूची में त्रुटियों को सुधारने की मांग कर रहे हैं. इसी मांग को पूरा करने के लिए चुनाव आयोग ने बिहार से एक विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की शुरुआत की है.''