ममता बनर्जी की टीएमसी के कांग्रेस में विलय की अटकलें हैं. इस पर शिवसेना यूबीटी की पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में प्रतिक्रिया दी. प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि कोई भी राजनीतिक पार्टी खत्म नहीं होती. उनका वक्त खराब हो सकता है. किसी भी पार्टी को आप नकार नहीं सकते है.

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TMC वापस आती है तो फायदा होगा- प्रियंका चतुर्वेदी

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "ममता दीदी 15 साल बंगाल में थीं. आज भी बड़ी नेता हैं. INDIA ब्लॉक की सहयोगी हैं. TMC कांग्रेस से निकलकर बनी थी, वापस साथ आती है तो आगे फ़ायदा मिलेगा. स्थानीय पार्टियां को कांग्रेस मजबूती दे और अगर जहां कांग्रेस और बीजेपी का सीधा मुकाबला है, वहां हम मजबूती से लड़ेंगे."

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ममता बनर्जी को राज्यसभा भेजने की शर्त- सूत्र

सूत्रों की मानें तो कांग्रेस ने टीएमसी को विलय करने का ऑफर दिया है. सूत्रों ने यहां तक दावा किया कि विलय की बात आगे बढ़ गई है. ममता बनर्जी को राज्यसभा भेजने की शर्त रखी गई है. ये शर्त उनके भतीजे और पार्टी के सांसद अभिषेक बनर्जी ने कांग्रेस के सामने रखी है. सूत्रों ने बताया कि ममता बनर्जी को राज्यसभा में नेता विपक्ष बनाने की मांग की गई है.

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद से ही पार्टी में भगदड़ मची हुई है. पहले विधायकों ने अलग गुट बना लिया. इसके बाद सांसदों ने पार्टी में बगावत कर दी. टीएमसी के करीब 19 सांसद पार्टी से बगावत कर चुके हैं. ऐसे में ममता बनर्जी के सामने भारी सियासी संकट है. हार के बाद ममता बनर्जी दिल्ली में 8 जून को हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में भी शामिल हुई. 9 जून को उन्होंने दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात की थी.

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