मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं, 'BJP की स्मृति ईरानी अपने...'
Meenakshi Natarajan News: कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद लगातार राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.

मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद शिवसेना यूबीटी की पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी की नेता स्मृति ईरानी का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने उनके हलफनामों से जुड़ी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया.
प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स पोस्ट में क्या कुछ कहा?
अपने एक्स पोस्ट में प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "बीजेपी की स्मृति ईरानी जी अपने लोकसभा हलफ़नामों में तीन अलग-अलग शैक्षणिक योग्यताएं बताकर चुनाव लड़ सकती हैं और चुनाव आयोग उनकी सभी शिकायतों को नज़रअंदाज़ कर देता है, लेकिन कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द कर दिया जाता है क्योंकि उनके हलफ़नामे में किसी ऐसी मामूली शिकायत का ज़िक्र नहीं था जिसके लिए न तो कोई FIR हुई थी और न ही उन्हें चुनाव आयोग के सामने अपनी बात रखने का कोई मौका मिला."
Smriti Irani ji of the BJP can contest with three different educational qualifications in her LS affidavits, EC ignores all complaints but Meenakshi Natarajan of the Congress has her RS nomination cancelled because her affidavit doesn’t mention some obscure complaint with no FIR…
— Priyanka Chaturvedi🇮🇳 (@priyankac19) June 9, 2026
रिटर्निंग ऑफिसर का फैसला असंवैधानिक- दिग्विजय सिंह
इस मामले पर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा, "कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल चुनाव आयोग से मिल रहा है. उसके बाद ही कुछ जानकारी मिल पाएगी. जहां तक हम लोगों का सवाल है, ये स्पष्ट है कि हम लोगों ने एकजुट होकर ये लड़ाई लड़नी है. दूसरा, जो यहां के रिटर्निंग ऑफिसर ने जो फैसला लिया है वो घोर असंवैधानिक है. उसमें ये हकीकत है कि बहुत ही पक्षपात तरीके से उन्होंने ये निर्णय लिया है.
फैसले को तत्काल रद्द किया जाना चाहिए- कांग्रेस
बता दें कि कांग्रेस ने मध्य प्रदेश से अपनी राज्यसभा उम्मीदवार का नामांकन खारिज किए जाने के खिलाफ बुधवार को निर्वाचन आयोग से शिकायत की और कहा कि निर्वाचन अधिकारी (आरओ) के इस असंवैधानिक तथा लोकतंत्र विरोधी फैसले को तत्काल रद्द किया जाना चाहिए. पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयोग पहुंचकर इस मामले में पार्टी का पक्ष रखा और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दो अन्य आयुक्तों को तथ्यों से अवगत कराया.इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, महासचिव जयराम रमेश, भूपेश बघेल, रणदीप सुरजेवाला और वरिष्ठ नेता दीपा दासमुंशी, विवेक तन्खा एवं अभिषेक सिंघवी शामिल थे. इसमें खुद नटराजन भी मौजूद थीं.
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