उद्धव ठाकरे और कांग्रेस के बीच पुणे महानगर पालिका के लिए गठबंधन का आधिकारिक ऐलान हो गया है. दोनों पार्टियां मिलकर नगर निगम चुनाव लड़ेंगी. कांग्रेस नेता सतेज पाटिल और शिवसेना (यूबीटी) के नेता सचिन अहीर ने ऑफिशियल घोषणा की. सचिन अहीर ने बताया कि 60 सीट पर कांग्रेस और 45 सीट पर उद्धव गुट चुनाव लड़ेगी. बाकी सीटों पर फिर से चर्चा होगी. बता दें कि पुणे महानगर पालिका में कुल 165 सीटें हैं.

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क्या पुणे में MNS रहेगी साथ?

सचिन अहीर ने कहा, "एक फॉर्मूला डिसाइड हुआ है जिसमें पहले 45 जगहों पर हम और कांग्रेस 60 जगहों पर AB फॉर्म दे रहे हैं. हमारे जो घटक पक्ष हैं उनके साथ भी सकारात्मक चर्चा चल रही है. आज शाम तक उसका फैसला हो जाएगा." क्या MNS (राज ठाकरे की पार्टी) आपके साथ पुणे में भी रहेगी, इस सवाल पर अहीर ने कहा, "हां, हमारे साथ है और रहेगी."

दोनों एनसीपी के साथ आने पर क्या बोले?

पिंपरी-चिंचवड में दोनों एनसीपी के साथ आने पर शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा, "मेरा तो ये कहना है कि ये बीजेपी की स्ट्रैटजी है कि विपक्ष का स्पेस ही नहीं रहे. इसलिए लड़ाने का काम किया. ये तो मुख्यमंत्री ने खुद मान्य किया. ये सोची समझी साजिश है और मतदारों को तय करना है कि किसे साथ देना है."

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महायुति पर साधा निशाना

सत्ता पक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "राज्य के मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री दोनों सत्ता में रहकर भी कायदा-कानून, ट्रैफिक की समस्या और भ्रष्टाचार को ठीक नहीं कर पाए, ये किस मुंह से पुणेकर के पास जाएंगे?"

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में मुंबई महानगर पालिका (BMC) और पुणे महानगर पालिका (PMC) सहित सभी 29 महानगर पाकिला के लिए 15 जनवरी को वोटिंग होगी और वोटों की गिनती 16 जनवरी को होगी. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 दिसंबर है. 

पुणे में किसका रहा है दबदबा?

पुणे में अविभाजित एनसीपी का साल 2007 से 2017 तक दबदबा रहा. लेकिन 2017 के चुनावों में बीजेपी ने यहां से जीत हासिल की और एनसीपी मुख्य विपक्षी दल बन गई.